CBI ने बरामद किए 7 करोड़ रुपये नकद और 15 संपत्तियों के दस्तावेज, 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए DIG हरचरण सिंह भुल्लर

Sandesh Wahak Digital Desk: पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और रोपड़ रेंज के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG) हरचरण सिंह भुल्लर पर लगे रिश्वतखोरी के गंभीर आरोपों के बीच शुक्रवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने चौंकाने वाला ख़ुलासा किया है।

सीबीआई ने भुल्लर के चंडीगढ़ स्थित सेक्टर-40 वाले घर पर 21 घंटे तक चली लंबी तलाशी में 7 करोड़ रुपये नकद, 15 से ज़्यादा संपत्तियों के दस्तावेज़, ऑडी और मर्सिडीज़ जैसी लग्ज़री कारों की चाबियाँ, विदेशी शराब, महंगी घड़ियाँ और तीन हथियार बरामद किए हैं।

डीआईजी भुल्लर और उनके कथित बिचौलिए कृष्नु को सीबीआई ने गुरुवार देर रात गिरफ़्तार किया था। शुक्रवार को दोनों को चंडीगढ़ की स्पेशल सीबीआई कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में बुड़ैल जेल भेज दिया गया। पेशी के दौरान भुल्लर ने अपने चेहरे को रुमाल से ढक रखा था, जिस पर जज ने उन्हें टोकते हुए कहा, रुमाल हटाइए, कोर्ट में चेहरा नहीं छिपाया जाता।

मीडिया से बातचीत में भुल्लर ने सिर्फ़ इतना कहा कि कोर्ट इंसाफ़ करेगा। वहीं उनके वकील ने आरोप लगाया कि भुल्लर को सुबह 11:30 बजे ही हिरासत में ले लिया गया था, जबकि गिरफ़्तारी की औपचारिकता रात 8 बजे की गई।

8 लाख रुपये की रिश्वत मांगने का था आरोप

सीबीआई की कार्रवाई मंडी गोबिंदगढ़ के स्क्रैप कारोबारी आकाश बत्ता की शिकायत पर शुरू हुई थी। कारोबारी ने आरोप लगाया था कि डीआईजी भुल्लर ने 2023 के एक पुराने मामले में फर्जी बिल-बिल्टी के आरोप में चालान पेश करने की धमकी देकर उनसे 8 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।

शिकायत पर कार्रवाई करते हुए, सीबीआई ने गुरुवार को पहले बिचौलिए कृष्नु को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा, जिसके बाद डीआईजी भुल्लर को भी मोहाली स्थित उनके ऑफ़िस में रिश्वत की रक़म स्वीकार करते हुए गिरफ़्तार कर लिया गया।

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