राप्ती नदी की कटान से श्रावस्ती के दर्जनों गांव खतरे में, किसानों की हजारों बीघा उपजाऊ जमीन नदी में डूबी
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जनपद में राप्ती नदी की कटान ने एक बार फिर नदी किनारे बसे दर्जनों गाँवों के ग्रामीणों के लिए गंभीर संकट पैदा कर दिया है। नदी धीरे-धीरे गाँवों की ओर बढ़ रही है, जिससे किसानों की कृषि योग्य भूमि और धान की फसलें नदी में समाहित हो रही हैं। यह वार्षिक समस्या किसानों के लिए बड़ी चिंता का विषय बनी हुई है।
तेज कटान से गांवों पर खतरा
जानकारी के अनुसार, तहसील जमुनहा क्षेत्र में नदी का जलस्तर घटने के साथ ही कटान तेज हो गई थी। नदी की तेज धार के कारण घाटे पुरवा, सलारू पुरवा और वीरपुर जैसे गाँवों के किसानों की जमीन और फसलें बह गई हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक, राप्ती नदी अब तक सैकड़ों बीघा खेत निगल चुकी है। बीते कुछ दिनों में ही करीब दर्जनभर किसानों की कई बीघा फसल सहित उपजाऊ जमीन नदी में समाहित हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि नदी की धारा पर जल्द नियंत्रण नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में पूरे गांव के अस्तित्व पर खतरा मंडरा सकता है। यह समस्या हर वर्ष नदी का जलस्तर बढ़ने और फिर घटने के साथ शुरू हो जाती है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
शासन-प्रशासन से मदद की गुहार
कटान से प्रभावित किसानों ने शासन-प्रशासन से जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी रोजी-रोटी और भविष्य दोनों नदी की कटान से प्रभावित हो रहे हैं और उन्हें इस वार्षिक समस्या से स्थायी निजात चाहिए।
रिपोर्ट: माता प्रसाद वर्मा
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