पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में इमरजेंसी, PTI सरकार सस्पेंड, CM अफरीदी के गिरफ्तारी का भी दावा

Emergency in Khyber Pakhtunkhwa, Pakistan: पाकिस्तान में एक बार फिर सियासी तनाव बढ़ गया है। इमरान खान (Imran Khan) की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) को बड़ा झटका लगा है। राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी (Asif Ali Zardari) ने खैबर पख्तूनख्वा (Khyber Pakhtunkhwa) में इमरजेंसी लागू करने और गवर्नर शासन लगाने की मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही प्रांत में PTI की सरकार के अधिकार निलंबित हो गए हैं। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर पार्टी का विरोध प्रदर्शन तेज हो रहा है।

पाकिस्तान की संघीय सरकार का कहना है कि प्रांत में आतंकवाद से निपटने के लिए जरूरी सहयोग नहीं मिल रहा था। वहीं, PTI ने इस फैसले को अलोकतांत्रिक बताते हुए प्रांतीय स्वायत्तता पर हमला करार दिया है। इस घटनाक्रम ने पाकिस्तान की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है।

छह महीने के लिए लागू हुआ गवर्नर शासन

रिपोर्टों के मुताबिक, इमरजेंसी (Emergemcy in Khyber Pakhtunkhwa) और गवर्नर शासन संविधान के अनुच्छेद 232 और 234 के तहत लागू किया गया है। शुरुआती तौर पर यह व्यवस्था छह महीने के लिए होगी। इस दौरान प्रांत का प्रशासन गवर्नर के नेतृत्व में चलेगा और उनकी मदद के लिए 11 सदस्यीय सलाहकार परिषद बनाई जाएगी। डॉ. मुहम्मद फखर आलम इरफान को खैबर पख्तूनख्वा का मुख्य सचिव नियुक्त किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।

प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (Shehbaz Sharif) की अध्यक्षता में हुई संघीय कैबिनेट की बैठक में प्रांत की सुरक्षा स्थिति पर चर्चा हुई। सरकार ने PTI की प्रांतीय सरकार पर आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई में पर्याप्त सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर, PTI नेताओं का कहना है कि सुरक्षा के मुद्दे को आधार बनाकर चुनी हुई सरकार के अधिकार खत्म करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है।

CM सोहेल अफरीदी की गिरफ्तारी का दावा, PTI ने उठाए सवाल

खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी (Sohail Afridi) इन दिनों इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर निकाले जा रहे मार्च का नेतृत्व कर रहे थे। यह मार्च 4 अक्टूबर को लक्की मरवत से शुरू हुआ था। PTI की मांगों में इमरान खान तक पहुंच, उनके निजी डॉक्टर से मुलाकात और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई को लेकर संघीय सरकार के साथ विवाद सुलझाना शामिल है।

इसी बीच PTI नेता जुनैद अकबर (Junaid Akbar) ने दावा किया कि उन्हें और मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी को हिरासत में लिया गया है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों के समय तक संघीय सरकार की ओर से दोनों की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी। इसलिए गिरफ्तारी के दावे को फिलहाल पुष्टि की गई जानकारी नहीं माना जा सकता।

PTI अध्यक्ष बैरिस्टर गौहर अली खान ने Emergency के फैसले की आलोचना करते हुए इसे गंभीर राजनीतिक गलती बताया है। पार्टी के अन्य नेताओं ने भी केंद्र सरकार से फैसला वापस लेने की मांग की है। उधर, इस्लामाबाद में सुरक्षा कड़ी किए जाने, रास्तों पर कंटेनर लगाए जाने और पुलिस बल की तैनाती की खबरें हैं। कुछ इलाकों में मोबाइल डेटा और इंटरनेट सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं।

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