प्रोटीन के दावों पर FSSAI सख्त, Dr. Reddy’s से लेकर Amazon-Flipkart तक 6 कंपनियों को नोटिस
FSSAI News : भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने प्रोटीन से जुड़े भ्रामक दावों को लेकर बड़ी कार्रवाई की है। प्राधिकरण ने गुरुवार को डॉ. रेड्डीज, नेस्ले हेल्थ साइंस, तिरुपति वेलनेस, अमेजन, फ्लिपकार्ट और नेटमेड्स को नोटिस जारी किए हैं।
इन कंपनियों पर ऐसे उत्पाद बेचने को लेकर सवाल उठाए गए हैं, जिनमें प्रोटीन बढ़ाने और मांसपेशियों को बनाए रखने में मदद करने जैसे दावे किए गए थे।
FSSAI ने कंपनियों से इन दावों का आधार बताने को कहा है। साथ ही यह भी स्पष्ट करने को कहा गया है कि उत्पादों पर किए गए दावे खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों के अनुरूप हैं या नहीं।
प्रोटीन और मसल्स से जुड़े दावों पर सवाल
FSSAI की इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य यह जांचना है कि कंपनियां अपने उत्पादों के स्वास्थ्य लाभों को लेकर जो दावे कर रही हैं, वे वैज्ञानिक आधार पर सही हैं या नहीं। प्रोटीन बढ़ाने और मांसपेशियों को बनाए रखने में मदद करने जैसे दावों के लिए कंपनियों के पास उचित आधार होना जरूरी है।
प्राधिकरण की जांच ऐसे समय में हो रही है, जब खाद्य उत्पादों की पैकेजिंग और विज्ञापनों में इस्तेमाल होने वाले शब्दों पर निगरानी बढ़ाई जा रही है। इनमें ‘हेल्दी’, ‘प्रोटीन से भरपूर’, ‘नो शुगर’ और ‘100% नेचुरल’ जैसे दावे शामिल हैं। FSSAI यह सुनिश्चित करना चाहता है कि ग्राहकों को उत्पादों के फायदे और उनकी पोषण संबंधी खूबियों के बारे में सही जानकारी मिले।
पहले भी कई कंपनियों पर हो चुकी है कार्रवाई
पिछले कुछ महीनों में FSSAI ने खाद्य उत्पादों के दावों और लेबलिंग को लेकर कई कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की है। हाल ही में डाबर के खिलाफ भी इसी तरह का कदम उठाया गया था। कुछ कंपनियों ने कार्रवाई के बाद अपने उत्पादों की पैकेजिंग में बदलाव भी किए हैं।
FSSAI की कार्रवाई का मकसद कंपनियों को ऐसे स्वास्थ्य लाभों का दावा करने से रोकना है, जिन्हें उचित तरीके से साबित नहीं किया जा सकता। गलत या भ्रामक जानकारी के आधार पर ग्राहक किसी उत्पाद को खरीद सकते हैं, इसलिए खाद्य उत्पादों पर लिखे दावों की जांच अहम मानी जा रही है।
फिलहाल नोटिस जारी होने का मतलब यह नहीं है कि संबंधित कंपनियों को दोषी ठहरा दिया गया है। उनसे दावों का आधार और नियमों के पालन को लेकर जवाब मांगा गया है। आगे की कार्रवाई उनके जवाब और जांच के नतीजों पर निर्भर करेगी।

