Mathura News: फर्जी CBI अधिकारी बनकर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 6 गिरफ्तार
Mathura News: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले की थाना जमुनापार पुलिस ने एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए खुद को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) का अधिकारी बताकर लोगों से रंगदारी वसूलने वाले एक शातिर गिरोह के 6 सदस्यों को धर दबोचा है। आरोपी एक सीमेंट व्यापारी को फर्जी केस में जेल भेजने की धमकी देकर 40 हजार रुपये की मांग कर रहे थे। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर सभी आरोपियों को रंगे हाथों दबोच लिया।
थाना जमुनापार क्षेत्र के लोहवन रोड पर देवेंद्र कुमार की सीमेंट और बदरपुर की दुकान व गोदाम है। लोहवन गांव के रहने वाले रवि ने उनकी दुकान से 7,500 रुपये का सीमेंट खरीदा था, जिसमें से 3,000 रुपये उसने UPI के जरिए देवेंद्र की बेटी के खाते में ट्रांसफर कर दिए और बाकी रकम जल्द देने की बात कहकर चला गया। इसके बाद, 6 अक्टूबर को कर्नाटक के कलबुर्गी पुलिस का एक नोटिस जमुनापार थाने के माध्यम से देवेंद्र को मिला, जिसका जवाब उन्होंने अपने वकील के जरिए भेज दिया।
CBI का डर दिखाकर मांग रहे थे 40 हजार
देवेंद्र का आरोप है कि जवाब भेजने के ठीक दूसरे दिन 7 अक्टूबर को उनके फोन पर एक कॉल आई, जिसमें कॉलर ने खुद को क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर डी. यादव बताया और कहा कि वह कर्नाटक वाले मामले को रफा-दफा कर देगा। उसी रात चंद्रपाल प्रधान ने देवेंद्र को सूचना दी कि वह टीम के साथ उनकी दुकान पर आएंगे।
तय योजना के मुताबिक 8 अक्टूबर को दो गाड़ियों से कुछ लोग दुकान पर पहुंचे। इनमें रवि का भाई सोनू, सरिता विहार (दिल्ली) निवासी करण राणा, कुणाल, छपरा (बिहार) निवासी सूरज, संगम विहार (गाजियाबाद) निवासी कुलदीप और थाना रिफाइनरी क्षेत्र का रहने वाला रवि शामिल था। दुकान पर पहुंचते ही सभी ने सेटेलमेंट के नाम पर 40 हजार रुपये की मांग शुरू कर दी। जब व्यापारी ने पैसे देने से मना किया, तो आरोपी गाली-गलौज करते हुए झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देने लगे और रौब झाड़ने के लिए अपने फर्जी CBI आईडी कार्ड दिखाने लगे।
व्यापारी द्वारा तुरंत पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद मौके पर पहुंची जमुनापार पुलिस ने सभी आरोपियों को दबोच लिया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि ये लोग खुद को CBI और बड़ी जांच एजेंसियों का अधिकारी बताकर भोले-भाले लोगों को अपना शिकार बनाते थे।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 2 फर्जी CBI पहचान पत्र, क्राइम ब्यूरो इन्वेस्टिगेशन के चेयरमैन के नाम से छपे 11 विजिटिंग कार्ड, 3 एटीएम कार्ड और घटना में प्रयुक्त क्राइम ब्यूरो इन्वेस्टिगेशन का स्टिकर लगी एक कार बरामद की है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं- 319(2), 318(4), 61(2), 308(6) और 352 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है।
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