भारी बारिश से सिक्किम में तबाही, आर्मी कैंप पर लैंडस्लाइड से 3 की मौत, 9 जवान लापता

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर-पूर्वी भारत में लगातार हो रही भारी बारिश ने कहर बरपा रखा है। सिक्किम के उत्तर क्षेत्र में रविवार शाम को एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां एक आर्मी कैंप पर भूस्खलन हुआ। इस हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई है और 9 जवान अब भी लापता हैं। फिलहाल मृतकों की पहचान नहीं हो सकी है और लापता जवानों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है।

जानकारी के मुताबिक, ये हादसा शाम करीब 7 बजे उत्तरी सिक्किम के एक पहाड़ी इलाके में हुआ। लैंडस्लाइड की वजह से न केवल आर्मी कैंप को नुकसान पहुंचा, बल्कि आसपास के घरों में भी भारी तबाही मची है। राहत व बचाव दल मौके पर मौजूद है और लगातार ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

1500 से ज्यादा पर्यटक लाचेन और लाचुंग में फंसे

तेज बारिश और भूस्खलन के चलते उत्तर सिक्किम के लाचेन और लाचुंग क्षेत्रों में करीब 1500 पर्यटक फंसे हुए हैं। मंगन जिले के एसपी सोनम देचू भूटिया ने बताया कि लाचेन में 115 और लाचुंग में करीब 1,350 पर्यटक अभी भी फंसे हुए हैं, क्योंकि भूस्खलन ने दोनों रास्तों को बंद कर दिया है। हालांकि अधिकारियों ने राहत की खबर दी है कि लाचुंग तक सड़क संपर्क बहाल कर लिया गया है और पर्यटकों की निकासी आज (2 जून) से शुरू की जा रही है। बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) ने मलबा हटाने के साथ-साथ सड़क की मरम्मत और पुलों को फिर से तैयार किया है, जिससे पर्यटकों को लाचुंग-चुंगथंग-शिपगेरे-शंकलांग-डिकचू मार्ग से सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।

30 मई को फटा था बादल, कई इलाके प्रभावित

BRO के अनुसार, 30 मई को उत्तर सिक्किम में अचानक बादल फट गया था, जिससे भारी तबाही हुई। उस दिन 130 मिमी से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई, जिससे लाचेन, लाचुंग, गुरुदोंग्मर, वैली ऑफ फ्लावर्स और जीरो प्वाइंट जैसे प्रमुख पर्यटक स्थलों के रास्ते बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। भारी बारिश और भूस्खलन की वजह से कई सड़कों में दरारें पड़ गईं, पुल टूट गए और अहम रास्तों पर मलबा जमा हो गया। सबसे ज्यादा प्रभावित सड़कों में डिकु-सिनकलंग-शिपगियर रोड, चुंगथांग-लेशेन-ज़ेमा रोड और चुंगथांग-लाचुंग रोड शामिल हैं।

स्थिति अब भी गंभीर, राहत कार्य तेज

प्रशासन और सुरक्षाबल युद्ध स्तर पर राहत व बचाव कार्य में जुटे हैं। लापता जवानों की खोज और फंसे हुए पर्यटकों की सुरक्षित निकासी ही इस वक्त सबसे बड़ी प्राथमिकता है। मौसम की स्थिति अभी भी चुनौती बनी हुई है, लेकिन BRO और स्थानीय प्रशासन हालात को काबू में लाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।

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