UP News: आठ जिलों में फर्जी फर्में खोलकर सैकड़ों करोड़ का खेल, सो रहे जीएसटी अफसर

मीट कारोबारियों के ठिकानों पर आयकर छापों से यूपी के राज्य कर व केंद्र के जीएसटी विभाग की कार्यप्रणाली पर लगा प्रश्नचिन्ह

Sandesh Wahak Digital Desk: विदेशों तक मीट कारोबार करने वाली फर्में इंडियन फ्रोजन फूड, रहबर फूड और मारिया फ्रोजन से जुड़े 30 से ज्यादा ठिकानों पर बीते चार दिनों से जारी आयकर विभाग की मैराथन छापेमारी गुरुवार को खत्म हो गयी।

इस दौरान सैकड़ों करोड़ की टैक्स चोरी जहां सामने आयी। वहीं फर्जी फर्मों के रजिस्ट्रेशन के खेल ने यूपी में जीएसटी अफसरों की कार्यप्रणाली को भी बेनकाब कर दिया। इसी तरह प्रदेश में फर्जी फर्में हजारों करोड़ का जीएसटी घोटाला अंजाम दे रही हैं। बुधवार देर शाम ही आयकर विभाग को इन फर्जी कंपनियों के जरिये विदेशों तक मीट कारोबार और सम्पत्तियों की खरीद फरोख्त की जानकारियां मिल गयी थीं।

आठ जिलों में कराया गया था फर्जी फर्मों का रजिस्ट्रेशन

इन फर्जी फर्मों के मालिकों का भी कोई अतापता नहीं है। यूपी के राज्य कर विभाग और केंद्र के सीजीएसटी विभाग के अफसरों की आंखों में धूल झोंकते हुए प्रदेश के आठ जिलों में इन फर्जी कंपनियों का रजिस्ट्रेशन कराया गया था। जिनके सहारे तस्करी के पशुओं की खरीद फरोख्त बड़े पैमाने पर हुई। माना जा रहा है कि अरबों रूपए पशुओं को खरीदने में परदे के पीछे से फर्जी फर्मों के जरिये खपाये गए हैं। एक तरफ जहां इंडियन फ्रोजन फूड ने टर्नओवर में खेल करते हुए भारी रकम का निवेश इन्ही कंपनियों में किया। वहीं फर्जी फर्मों से नकदी निकालकर सम्पत्तियां भी खरीद डाली।

आयकर ने पहले भी इन कंपनियों के ठिकानों पर छापेमारी करके संगठित भ्रष्टाचार का खुलासा किया था। उसके बावजूद जीएसटी अफसरों ने कार्रवाई करना मुनासिब नहीं समझा। फर्जी फर्मों का धंधा कई वर्षों से जारी होना बताया जा रहा है अघोषित लेनदेन के बावजूद इन टैक्स चोरों पर जीएसटी अफसरों की नजर नहीं पडऩा कई गंभीर सवालों को जन्म दे रहा है। मीट कारोबारियों की फर्मों के बीच कई बड़े संदिग्ध लेनदेन-निवेश भी मिले हैं।

आयकर की छापेमारी खत्म, करीब पांच अरब की टैक्स चोरी, करोड़ों की नकदी मिली

इनकम टैक्स विभाग ने चार दिनों की छापेमारी में तकरीबन पांच सौ करोड़ की टैक्स चोरी, 25 करोड़ की नकदी, बड़ी संख्या में सम्पत्तियों के दस्तावेज और फर्जी फर्मों के खेल से जुड़े दस्तावेज जब्त किये हैं।  छापे में करीब 5 करोड़ के गहने भी बरामद हुए हैं। करीब दो दर्जन घरों में अलमारियां को तोडक़र इन दस्तावेजों को बरामद किया गया है।  फर्जी फर्मों के जरिये करोड़ों का लेन-देन हो रहा था। यह रकम अवैध तरीके से तस्करी के पशुओं की खरीद में इस्तेमाल हो रही थी। रहबर फूड से अनुबंध और मारिया फ्रोजन के ठिकानों से मिले दस्तावेजों की जांच भी अफसरों की प्राथमिकता में है।

कई कर्मियों ने बताया जान का खतरा

दस्तावेज लेकर आयकर की जांच इकाई के अफसर गुरुवार देर शाम लखनऊ लौटे हैं। इनकी विस्तृत पड़ताल होगी। 100 से अधिक आयकर अफसरों-कर्मियों की टीमों ने संभल, बरेली, मुरादाबाद, दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद समेत 30 से अधिक ठिकानों को चार दिन तक खंगाला है। इस दौरान कंपनियों के तमाम कर्मी मोबाइल-दस्तावेज छोडक़र भाग गए थे। कई कर्मियों ने जान का खतरा बताकर बयान देने से मना किया था। संचालकों के साथ इन कर्मियों को भी राजधानी में नोटिस देकर पूछताछ के लिए तलब किया जाएगा। बूचडख़ानों की जांच में कई अनियमितताएं मिली हैं। अनुमति से अधिक संख्या में पशुओं का कटान पाया गया है। कंपनी के ठिकानों से कई मोबाइल, भूमि की रजिस्ट्री, बैंक खातों की जानकारी और अघोषित हिसाब-किताब के ब्योरे वाली डायरियां बरामद हुई हैं। विदेशों में कारोबार के नाम पर बड़ा गड़बड़झाला है।

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