‘खाकी’ के रौब में दरोगा ने तोड़ा ट्रैफिक नियम, वायरल तस्वीर के बाद हुआ 5000 का चालान
Sandesh Wahak Digital Desk: राजधानी के हज़रतगंज चौराहे से एक ऐसी ही तस्वीर सामने आई, जिसने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कानून का पालन करवाने वाले जब खुद ही उसे तोड़ते नजर आएं, तो व्यवस्था पर सवाल उठना लाज़मी है। यह तस्वीर एक दरोगा की है, जो बुलेट बाइक पर सवार होकर बिना पिछली नंबर प्लेट और आगे सिर्फ “खाकी” लिखी हुई प्लेट लगाकर रौब झाड़ते दिखे। आम जनता को ट्रैफिक नियमों की नसीहत देने वाले ये जनाब खुद ही नियमों की धज्जियां उड़ाते नजर आए।
क्या कहता है नियम?
मोटर व्हीकल एक्ट के तहत हर दोपहिया वाहन पर सामने और पीछे स्पष्ट, मानक आकार की नंबर प्लेट होना अनिवार्य है। नियमों का उल्लंघन करने पर ₹5000 तक का चालान और जरूरत पड़ने पर वाहन सीज़ भी किया जा सकता है। साफ है कि चाहे वर्दीधारी हो या आम नागरिक, कानून सबके लिए एक समान है।
आदेशों की उड़ रही धज्जियां
पुलिस महकमे की ओर से साफ निर्देश हैं कि पुलिसकर्मी खुद नियमों का पालन करते हुए उदाहरण पेश करें, ताकि जनता में विश्वास बना रहे। लेकिन हकीकत यह है कि कुछ अधिकारी खाकी की आड़ में नियमों को ताक पर रखकर दबदबा बनाए घूम रहे हैं।
वायरल हुई तस्वीर, हुआ असर
दरोगा की यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल होते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। सवाल उठे कि जब आम आदमी नंबर प्लेट गायब होने पर चालान भुगतता है, तो वर्दी वाले क्यों छूट जाएं? तस्वीर वायरल होने के बाद ट्रैफिक पुलिस ने दरोगा पर ₹5000 का चालान किया।
जनता सवाल कर रही है
क्या सिर्फ चालान काटना काफी है? क्या कानून के रखवालों पर भी वही सख्ती लागू होगी जो आम जनता पर होती है? और सबसे बड़ा सवाल जब जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग ही नियम तोड़ेंगे, तो जनता को कौन जागरूक करेगा?
ज़रूरत है जवाबदेही की
खाकी सिर्फ रौब झाड़ने का जरिया नहीं, जिम्मेदारी का प्रतीक है। अगर कानून के रक्षक ही भक्षक बन जाएं, तो समाज में अनुशासन कैसे कायम होगा? जनता अब चाहती है सिर्फ कार्रवाई नहीं, एक सख्त संदेश कि कानून के सामने वर्दी भी बराबर है।
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