ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जीत की हीरो जेमिमा रोड्रिग्स ने खोला दिल, चिंता से जूझने की बात पर दीपिका पादुकोण ने किया सलाम
Sandesh Wahak Digital Desk: भारतीय क्रिकेट टीम की स्टार खिलाड़ी जेमिमा रोड्रिग्स गुरुवार को नवी मुंबई में आयोजित महिला विश्व कप 2025 के सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रोमांचक जीत की हीरो रहीं। उनके शानदार मैच जिताऊ प्रदर्शन ने न केवल भारत को फाइनल में पहुँचाया, बल्कि मैदान के बाहर एक भावुक पोस्ट-मैच इंटरव्यू में उन्होंने अपनी मानसिक स्वास्थ्य की लड़ाई (चिंता या एंग्जाइटी) के बारे में खुलकर बात की।
उनके इस दिल को छू लेने वाले बयान ने लाखों लोगों को भावुक कर दिया, जिनमें बॉलीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण भी शामिल थीं, जिन्होंने अपनी निजी समस्याओं पर संवेदनशीलता से बात करने के लिए जेमिमा की जमकर प्रशंसा की।
दीपिका ने जेमिमा के जज्बे को किया सलाम
मानसिक स्वास्थ्य के अपने अनुभवों के बारे में हमेशा पारदर्शी रहीं दीपिका पादुकोण ने शुक्रवार को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर जेमिमा के प्रति अपनी प्रशंसा व्यक्त की। अभिनेत्री ने उस वीडियो को फिर से साझा किया, जिसमें क्रिकेटर ने चिंता से अपने संघर्ष और अपने परिवार व दोस्तों से मिले समर्थन के बारे में खुलकर बात की। दीपिका ने क्लिप के कैप्शन में लिखा, धन्यवाद जेमिमा रोड्रिग्स। आपकी कमजोरी के लिए और अपनी कहानी साझा करने के लिए। (यानी, आपने अपनी निजी लड़ाई को सार्वजनिक करके साहस दिखाया)।

मैं सुन्न महसूस करती थी
मैच के बाद के साक्षात्कार में, जिसके लिए जेमिमा को प्लेयर ऑफ़ द मैच भी चुना गया, उन्होंने बहादुरी से बताया कि वह पूरे टूर्नामेंट के दौरान कैसे चिंता से जूझती रहीं। अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा, मैं यहाँ बहुत कमज़ोर दिखूंगी, क्योंकि मुझे पता है कि अगर कोई इसे देख रहा है, तो वह भी इसी स्थिति से गुज़र रहा होगा और मेरे कहने का यही उद्देश्य है। कोई भी अपनी कमज़ोरी के बारे में बात करना पसंद नहीं करता।
जेमिमा ने खुलासा किया कि टूर्नामेंट की शुरुआत में और कुछ मैचों से पहले उनकी चिंता बहुत ज़्यादा बढ़ गई थी। उन्होंने बताया, मैं अपनी माँ को फ़ोन करके रोती रहती थी, पूरे समय रोती रहती थी, सब कुछ बाहर निकाल देती थी, क्योंकि जब आप चिंता से गुज़र रहे होते हैं, तो आप सुन्न महसूस करते हैं। आपको समझ नहीं आता कि क्या करें। इस दौरान, मेरी माँ और मेरे पिताजी ने भी मेरा बहुत साथ दिया।
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