50 लाख की फिरौती, दोस्ती में धोखा और घाघरा नदी में दो लाशें, लखनऊ में ऐसे खुला डबल मर्डर का राज

Lucknow News: लखनऊ में मड़ियांव थाना और अपराध शाखा की संयुक्त टीम ने पवन कुमार गर्ग और सचिन विश्वकर्मा के अपहरण और हत्या के मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पवन के पास 50-60 लाख रुपये होने की जानकारी मिलने के बाद अपहरण की साजिश रची थी। 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई, लेकिन रकम नहीं मिलने पर दोनों की हत्या कर शव चहलारी घाट, घाघरा नदी में फेंकने की बात पूछताछ में सामने आई है।

भिटौली क्रॉसिंग से दोनों को ले गए आरोपी

पवन कुमार गर्ग की उम्र करीब 45 साल थी और वह असिस्टेंट नर्सिंग सुपरिटेंडेंट थे। 27 सितंबर की रात करीब 8 बजे के बाद उनके घर से चले जाने के बाद परिजनों ने 29 सितंबर को मड़ियांव थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस ने सीसीटीवी, टोल प्लाजा रिकॉर्ड और तकनीकी साक्ष्यों के जरिए तलाश शुरू की।

पुलिस के अनुसार, आरोपी नितिन मिश्रा पवन को पहले से जानता था। पवन ने उसे बताया था कि उसके पास करीब 50-60 लाख रुपये हैं और वह जमीन खरीदना चाहता है। 27 सितंबर को नितिन ने पवन को भिटौली क्रॉसिंग बुलाया। पवन अपने साथ सचिन विश्वकर्मा को लेकर पहुंचे। दोनों को इटौंजा के न्यू फौजी ढाबे ले जाया गया, जहां शराब पीने और खाना खाने के बाद विवाद हुआ।

इसके बाद दोनों को अन्नामऊ, इटौंजा स्थित नितिन के निर्माणाधीन मकान में ले जाकर अलग-अलग कमरों में बंधक बनाया गया। वहां पवन से 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई। पुलिस के मुताबिक, पवन ने पैसे देने से इनकार कर दिया।

फिरौती नहीं मिली तो हत्या का आरोप

पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि 28 सितंबर दोपहर करीब 12 से 12:30 बजे उन्हें लगा कि पवन पैसे नहीं देगा और उसे छोड़ने पर पुलिस में शिकायत कर सकता है। आरोप है कि इसके बाद पवन और सचिन की रस्सी से गला दबाकर हत्या कर दी गई। शाम करीब 5:30 बजे दोनों शवों को महमूदाबाद के रास्ते चहलारी घाट ले जाकर घाघरा नदी में फेंक दिया गया।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पवन की चेन, अंगूठी, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड और बैंक स्टेटमेंट की छायाप्रति बरामद की है। घटना में इस्तेमाल थार और आई-10 कार भी बरामद हुई हैं।

पांच गिरफ्तार, शवों की तलाश जारी

गिरफ्तार आरोपियों में नितिन मिश्रा उर्फ डब्लू महाराज (38), अवनीश कुमार मौर्या (38), प्रकाश सिंह (24), सूरज सिंह (32) और मोहित सिंह (26) शामिल हैं। इनमें नितिन मिठाई की दुकान चलाता है, अवनीश सब्जी की आढ़त करता है, प्रकाश ऑटो चालक है, सूरज चाय का ठेला लगाता है और मोहित आढ़त की दुकान पर हिसाब-किताब करता है।

पुलिस के अनुसार, नितिन, सूरज और प्रकाश का पहले भी आपराधिक इतिहास सामने आया है। नितिन के खिलाफ इटौंजा थाने में महामारी एक्ट से जुड़ा मामला दर्ज है। सूरज और प्रकाश के खिलाफ वर्ष 2021 का दुष्कर्म और एससी-एसटी एक्ट से जुड़ा मामला दर्ज है। प्रकाश के खिलाफ वर्ष 2020 में मारपीट और एससी-एसटी एक्ट से जुड़ा मामला भी दर्ज है।

चहलारी घाट पर दोनों शवों की तलाश के लिए एसडीआरएफ, जल पुलिस, पीएसी, गोताखोर और स्थानीय पुलिस की टीमें सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। आरोपियों के अन्य आपराधिक मामलों की जानकारी भी दूसरे थानों और जिलों से जुटाई जा रही है।

Also Read: लखनऊ में लाइसेंसी पिस्टल से युवक ने गोली मारकर किया सुसाइड, जांच में जुटी पुलिस 

Get real time updates directly on you device, subscribe now.