Lucknow News: बारूद के ढेर पर टिका था बेहटा गांव, छापेमारी में 3 हजार किलो विस्फोटक बरामद

Lucknow News: गुडंबा थाना क्षेत्र के बेहटा गांव में 31 अगस्त को हुए धमाके ने पूरे लखनऊ को हिला दिया। इस धमाके में आलम, उसकी पत्नी और बेटे की मौत हो गई थी। धमाका इतना भीषण था कि आवाज़ तीन किलोमीटर दूर तक सुनाई दी और चार घरों की दीवारें ढह गईं। हादसे के बाद सामने आया कि गांव में दशकों से पटाखों का अवैध कारोबार फल-फूल रहा था।

जांच में खुलासा हुआ कि यहां बड़े पैमाने पर पटाखे बनाए और बेचे जा रहे थे। पुलिस की छापेमारी में अब तक 3,000 किलो से अधिक बारूद, देसी सुतली बम और पटाखा बनाने की सामग्री बरामद की गई है। बरामद बारूद की मात्रा इतनी अधिक है कि अगर एक साथ विस्फोट हो जाता, तो पूरा गांव जमींदोज हो जाता।

अवैध कारोबारियों का नेटवर्क

पुलिस ने बताया कि गांव में करीब 200 से अधिक लोग पटाखा कारोबार में शामिल थे, लेकिन उनमें से सिर्फ दो के पास ही लाइसेंस था। बाकी सभी अवैध तरीके से धंधा चला रहे थे। यहां तक कि कई घरों को गोदाम बना दिया गया था। मृतक आलम का घर भी विस्फोटक सामग्री से भरा पड़ा था।

धमाके के बाद पुलिस, बीडीडीएस और अन्य टीमों ने लगातार छापेमारी की। अली अहमद उर्फ टीनू, याकूब उर्फ घपलू, बशीर उर्फ शेरू, नसीम, अफजल और अली अकबर के ठिकानों से भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद किया गया। इस बीच कई कारोबारी रातभर बारूद और पटाखे बोरी में भरकर खेतों और तालाबों में फेंकते नजर आए।

गांव में दहशत, कई कारोबारी फरार

कार्रवाई की भनक लगते ही कई लोग गांव से फरार हो गए। वहीं, पुलिस ने बताया कि जिन दो कारोबारियों के पास लाइसेंस था, उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी और लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे। प्रशासन ने साफ किया है कि आगे किसी को नया लाइसेंस भी नहीं मिलेगा।

यह पूरा मामला साबित करता है कि बेहटा गांव पटाखा माफियाओं का गढ़ बन चुका था। पुलिस की सख्त कार्रवाई ने एक बड़ी तबाही को टाल दिया, लेकिन इसने यह भी दिखा दिया कि अवैध कारोबार ने किस हद तक अपनी जड़ें जमा रखी थीं।

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