Lucknow News: गैंगरेप केस से नाम हटाने के लिए 2 लाख रुपये रिश्वत लेते दरोगा गिरफ्तार

Sandesh Wahak Digital Desk: राजधानी लखनऊ में भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एंटी करप्शन टीम) ने एक पुलिस उप-निरीक्षक (दरोगा) को ₹2 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। दरोगा ने एक कोचिंग संचालक से गैंगरेप के एक मामले से उसका नाम हटाने के एवज में यह रिश्वत मांगी थी।

रंगे हाथों गिरफ्तारी

बुधवार रात करीब 8 बजे महानगर थाना क्षेत्र की पेपरमिल कॉलोनी चौकी में यह कार्रवाई की गई। कोचिंग संचालक प्रतीक गुप्ता ने आरोप लगाया था कि चौकी में तैनात दरोगा धनंजय सिंह उनसे गैंगरेप के मामले से नाम हटाने के एवज में रिश्वत मांग रहे थे। प्रतीक गुप्ता की शिकायत पर एंटी करप्शन टीम ने 18 सदस्यों की टीम के साथ ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई। प्रतीक जैसे ही रिश्वत की रकम (₹2 लाख नकद) लेकर चौकी पहुंचे और दरोगा को पैसे दिए, टीम ने उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया।

रिश्वत लेते पकड़े गए दरोगा धनंजय सिंह को एंटी करप्शन टीम चौकी से धक्का देकर बाहर लाई और अलीगंज थाने ले जाकर उनसे पूछताछ शुरू की गई है।

कोचिंग संचालक प्रतीक गुप्ता

कोचिंग संचालक पर दर्ज था गैंगरेप का केस

प्रतीक गुप्ता ने बताया कि उनके यहां काम करने वाली एक लड़की ने चार महीने पहले नौकरी छोड़ दी थी और उसके बाद महानगर थाने में गैंगरेप का मामला दर्ज कराया था। प्रतीक का आरोप है कि लड़की ने डेढ़ साल पहले उनके और रियाज नाम के एक व्यक्ति के साथ गैंगरेप का आरोप लगाया था। प्रतीक का कहना है कि वह रियाज को जानते भी नहीं थे और उन्हें इस मामले में फंसाकर पहले ₹50 लाख की मांग की गई थी। बाद में यह डील ₹10 लाख में तय हुई थी, लेकिन दरोगा धनंजय सिंह केस से नाम हटाने के लिए व्यक्तिगत रूप से रिश्वत मांग रहे थे।

प्रतीक को 16 अक्टूबर को जमानत मिली थी, जिसके बाद उन्होंने 19 अक्टूबर को एंटी करप्शन विभाग में इसकी शिकायत दर्ज कराई थी। एंटी करप्शन के सीओ आरके शर्मा ने बताया कि शिकायत सही पाए जाने के बाद विधिक कार्रवाई करते हुए दरोगा को रंगे हाथ पकड़ा गया है। उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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