बलरामपुर स्वास्थ्य विभाग में बड़ा फर्जीवाड़ा, ‘सरकारी डॉक्टर’ आगरा से ले रहा सैलरी, CM योगी से शिकायत
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले के स्वास्थ्य विभाग में एक चौंकाने वाला फर्जीवाड़ा सामने आया है। यहां एक प्रादेशिक स्वास्थ्य सेवा के ऑर्थोपेडिक सर्जन पर अपनी तैनाती स्थल से अनुपस्थित रहकर प्राइवेट प्रैक्टिस करने और सरकारी खजाने से नियमित रूप से वेतन लेने का गंभीर आरोप लगा है।
डॉक्टर पर आरोप और फर्जीवाड़े का दावा
शिकायत के मुताबिक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) शिवपुरा में तैनात ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. कृष्ण कुमार यादव अपनी ड्यूटी पर मौजूद नहीं रहते हैं। डॉ. यादव पर आरोप है कि वह सिद्धार्थनगर के नौगढ़ स्थित अमन हॉस्पिटल में बैठकर अपना निजी क्लीनिक चला रहे हैं। वह CHC शिवपुरा में न तो ओपीडी करते हैं, न सर्जरी करते हैं और न ही ड्यूटी पर आते हैं, जबकि जिले में ऑर्थोपेडिक सर्जन की भारी कमी है। अपनी तैनाती वाली जगह पर अनुपस्थित रहने के बावजूद, उन्हें हर महीने लगभग ₹1 लाख 80 हजार का वेतन जारी किया जा रहा है, जिससे सरकारी खजाने को चूना लग रहा है।
सीएमओ और अधीक्षक पर मिलीभगत का आरोप
यह मामला उजागर होने के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक शिकायत पत्र भेजा गया है। शिकायतकर्ता ने न सिर्फ डॉ. कृष्ण कुमार यादव पर फर्जीवाड़े का आरोप लगाया है, बल्कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) मुकेश रस्तोगी और अधीक्षक डॉ. रजत शुक्ला पर भी गंभीर मिलीभगत का आरोप लगाया है।
शिकायत पत्र में दावा किया गया है कि डॉक्टर की न तो जॉइनिंग डेट देखी गई, न ओपीडी रजिस्टर का निरीक्षण हुआ और न ही कोई नोटिस जारी किया गया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि अधिकारी इस अनियमितता को नजरअंदाज कर रहे हैं।
सीएम योगी से उच्च स्तरीय जांच की मांग
राष्ट्रीय टीम योगी महासंघ के एक पदाधिकारी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस गंभीर अनियमितता का संज्ञान लेने की अपील की है। उन्होंने मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने पर डॉक्टर समेत मिलीभगत करने वाले सीएमओ और अधीक्षक पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

