रबी फसलों के एमएसपी में बढ़ोतरी, मोदी कैबिनेट ने न्यूनतम समर्थन मूल्य में किया इजाफा
Sandesh Wahak Digital Desk: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) की बैठक में विपणन सत्र 2027-28 के लिए सभी अनिवार्य रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में वृद्धि को हरी झंडी दे दी गई है। किसानों को उनकी उपज का उचित और लाभकारी मूल्य दिलाने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है। इस बार सर्वाधिक बढ़ोतरी कुसुम (सफ्लॉवर) के मूल्य में 675 रुपये प्रति क्विंटल की गई है, जबकि सरसों और रेपसीड के एमएसपी में 413 रुपये प्रति क्विंटल का इजाफा किया गया है।
किस फसल पर कितना बढ़ा समर्थन मूल्य
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, मसूर के समर्थन मूल्य में 390 रुपये प्रति क्विंटल, जौ में 136 रुपये प्रति क्विंटल और चने में 83 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है। वहीं, प्रमुख रबी फसल गेहूं के एमएसपी में 25 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है। यह फैसला केंद्रीय बजट 2018-19 के उस नियम के तहत लिया गया है जिसके तहत एमएसपी को औसत उत्पादन लागत का कम से कम 1.5 गुना तय किया जाता है। सरकार तिलहन और दलहन की खेती को प्रोत्साहन देने के लिए इन पर अपेक्षाकृत अधिक दर से एमएसपी बढ़ा रही है।
आधिकारिक बयान में बताया गया कि वर्ष 2014-15 से 2025-26 के दौरान छह प्रमुख रबी फसलों की कुल सरकारी खरीद बढ़कर 3,921 लाख मीट्रिक टन (LMT) तक पहुंच गई, जो 2004 से 2014 के बीच महज 2,302 एलएमटी थी। इस अवधि में रबी फसल उत्पादकों को किया गया कुल एमएसपी भुगतान भी 2.65 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 8.36 लाख करोड़ रुपये हो गया है। इसमें अकेले गेहूं किसानों को 7.31 लाख करोड़ रुपये का भुगतान शामिल है।
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