Moradabad News: जेल में चरस सप्लाई कर रहा था वकील, रंगे हाथ हुआ गिरफ्तार

Moradabad News: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक अधिवक्ता को जेल के भीतर चरस सप्लाई करने की कोशिश करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया है। यह मामला मुरादाबाद के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में स्थित जिला कारागार का है। घटना के बाद जेल प्रशासन और पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। जेल की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से और सख्त कर दिया गया है।

तलाशी के दौरान बरामद हुई चरस

मिली जानकारी के मुताबिक रविवार की दोपहर लगभग तीन बजे अधिवक्ता शरद कुमार मुरादाबाद जिला कारागार में अपने एक पुराने परिचित कैदी राधेश्याम से मुलाकात करने पहुंचे थे। जेल के नियमों के अनुसार, मुलाकात से पहले शरद कुमार की तलाशी ली गई, जिसके दौरान उनकी जेब से सफेद रंग की पॉलीथिन में बंद एक काले रंग का बत्तीनुमा संदिग्ध पदार्थ बरामद हुआ। जेल कर्मचारियों को इस सामग्री पर संदेह हुआ और तत्काल जेल अधिकारियों को सूचित किया गया।

जिसके बाद जब संदिग्ध वस्तु की जांच कराई गई तो उसमे यह स्पष्ट हो गया कि बरामद किया गया पदार्थ चरस है। जिसकी मात्रा लगभग 100 ग्राम पाई गई। प्रारंभिक पूछताछ में अधिवक्ता शरद कुमार ने स्वीकार किया कि उन्होंने यह नशीला पदार्थ विशाल नामक व्यक्ति से खरीदा था और वह इसे जेल में बंद अपने परिचित राधेश्याम को देना चाहते थे। राधेश्याम वर्तमान में एक हनी ट्रैप मामले में जेल में बंद है और उसे नशे का आदी बताया गया है।

Moradabad News: जेल में चरस सप्लाई कर रहा था वकील, रंगे हाथ हुआ गिरफ्तार

जेलर ने दर्ज कराई FIR

वहीं इस घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला कारागार के जेलर ने पूरे घटनाक्रम की लिखित शिकायत सिविल लाइंस थाने में दर्ज कराई। शिकायत प्राप्त होते ही पुलिस ने अधिवक्ता शरद कुमार और चरस सप्लाई करने वाले व्यक्ति विशाल के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस एक्ट (NDPS एक्ट) के अंतर्गत मामला दर्ज कर लिया। पुलिस ने अधिवक्ता शरद कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

सप्लायर की भी तलाश जारी

वहीं इस पूरे मामले पर जानकारी देते हुए मुरादाबाद के एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि बरामद किया गया पदार्थ नारकोटिक श्रेणी का है और इसकी सप्लाई की कोशिश एक गंभीर अपराध है। पुलिस अब फरार चरस सप्लायर विशाल की तलाश में लगी हुई है, जिससे अधिवक्ता ने यह मादक पदार्थ प्राप्त किया था।

इस घटना के बाद जिला कारागार प्रशासन ने जेल की निगरानी और तलाशी प्रक्रिया को पहले से ज्यादा कड़ा कर दिया है। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अब किसी भी मुलाकाती को बिना सघन जांच के जेल परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।

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