शिवाजी पार्क में CJP के प्रदर्शन पर विवाद, जावेद अख्तर ने स्थानीय लोगों से पूछा- ‘राजनीतिक रैलियों पर भी…’
Bollywood News: शिवाजी पार्क में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर विवाद बढ़ गया है।
स्थानीय निवासियों ने शोर, ट्रैफिक और रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित होने की आशंका जताते हुए प्रदर्शन पर आपत्ति की है।
इसी बीच गीतकार और लेखक जावेद अख्तर की सोशल मीडिया पोस्ट भी चर्चा में आ गई है।
जावेद अख्तर ने X पर लिखा कि उन्हें खुशी है कि शिवाजी पार्क के कुछ निवासी शोर-शराबे को लेकर संवेदनशील हैं और प्रदर्शन रद्द करने की मांग कर रहे हैं।
उन्होंने सवाल किया कि क्या यही लोग महाराष्ट्र की राजनीतिक पार्टियों की रैलियों के दौरान भी इसी तरह आपत्ति जताएंगे।
जावेद अख्तर की पोस्ट पर एक यूजर ने उनके पुराने पोस्ट का हवाला देते हुए तंज कसा और उन पर संतुलित रुख अपनाने का आरोप लगाया।
जवाब में जावेद ने लिखा कि यूजर को अभी बहुत कुछ सीखने की जरूरत है। एक अन्य यूजर की आपत्तिजनक टिप्पणी पर उन्होंने उसके संस्कारों को लेकर पलटवार किया।
एक अन्य यूजर ने सवाल उठाया कि क्या जावेद अख्तर को पता है कि प्रदर्शन किस मुद्दे पर हो रहा है। इस पर जावेद ने कहा कि उन्हें लगा था कि प्रदर्शन चुनाव आयोग के खिलाफ है, जो सरकार का हिस्सा नहीं, बल्कि स्वतंत्र संस्था होनी चाहिए।
उन्होंने पूछा कि चुनाव आयोग का विरोध सरकार का विरोध कैसे माना जा सकता है।
CEC के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन
CJP ने 2 अक्टूबर को शिवाजी पार्क से ‘जेल भरो आंदोलन’ शुरू करने का ऐलान किया था। संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके के मुताबिक, प्रदर्शन का उद्देश्य मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करना और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे उठाना है।
संगठन ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR पर भी सवाल उठाए हैं।
मुंबई पुलिस ने शिवाजी पार्क में प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया था और आयोजकों को वैकल्पिक स्थान के लिए आवेदन करने की सलाह दी थी।
पुलिस ने ट्रैफिक, शोर और आसपास के अस्पतालों तक आपातकालीन वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका का हवाला दिया।
स्थानीय लोगों ने क्यों जताई आपत्ति?
शिवाजी पार्क के आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि बड़े प्रदर्शनों से शोर, ट्रैफिक जाम और आवाजाही में परेशानी होती है।
उन्होंने अधिकारियों को ज्ञापन देकर प्रदर्शन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। निवासियों ने पार्क में गैर-खेल गतिविधियों के इस्तेमाल से जुड़े नियमों का भी हवाला दिया है।
इस तरह प्रदर्शन को लेकर विवाद अब पुलिस की अनुमति और स्थानीय लोगों की आपत्तियों से आगे बढ़कर सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया है।

