T-A Trophy: क्रिकेट इतिहास में नया अध्याय, भारत-इंग्लैंड सीरीज को मिला नया नाम
Sandesh Wahak Digital Desk: भारत और इंग्लैंड के बीच आगामी टेस्ट सीरीज अब एक नए नाम के तहत खेली जाएगी। वर्षों से “पटौदी ट्रॉफी” के नाम से जानी जाने वाली यह द्विपक्षीय टेस्ट श्रृंखला अब “तेंदुलकर-एंडरसन ट्रॉफी” के नाम से आयोजित की जाएगी।

यह फैसला दोनों देशों के क्रिकेट बोर्डों द्वारा संयुक्त रूप से लिया गया है, जिससे क्रिकेट के दो दिग्गजों—भारत के सचिन तेंदुलकर और इंग्लैंड के जेम्स एंडरसन—को ‘Tribute’ दी जा सके।
20 जून से शुरू होगी नई पहचान वाली सीरीज
पांच मैचों की यह टेस्ट सीरीज 20 जून से शुरू होगी और इसमें दोनों टीमें इस नई ट्रॉफी के लिए मुकाबला करेंगी।
सचिन तेंदुलकर और जेम्स एंडरसन न केवल अपने-अपने देश बल्कि विश्व क्रिकेट में भी सबसे महान खिलाड़ियों में गिने जाते हैं।
तेंदुलकर ने अपने करियर में 15,921 टेस्ट रन बनाए, जबकि एंडरसन 704 विकेट लेकर टेस्ट क्रिकेट के सबसे सफल तेज गेंदबाज बन चुके हैं।
पटौदी ट्रॉफी की विरासत
पटौदी ट्रॉफी की शुरुआत 2007 में भारत और इंग्लैंड के बीच पहले टेस्ट मैच की 75वीं वर्षगांठ पर हुई थी।
यह ट्रॉफी भारत के पटौदी परिवार को समर्पित थी, जिन्होंने देश को इफ्तिखार अली खान पटौदी और मंसूर अली खान पटौदी जैसे दो कप्तान दिए।
अब इस विरासत को आगे बढ़ाते हुए दोनों देशों ने आधुनिक युग के दो महान खिलाड़ियों को इस ऐतिहासिक प्रतियोगिता से जोड़ने का निर्णय लिया है।
तेंदुलकर-एंडरसन की भिड़ंत
तेंदुलकर और एंडरसन ने अपने करियर के दौरान 14 टेस्ट मैचों में एक-दूसरे का सामना किया, जिसमें एंडरसन ने तेंदुलकर को 9 बार आउट किया।
यह मुकाबला क्रिकेट प्रेमियों के बीच हमेशा चर्चा का विषय रहा और अब दोनों के नाम पर ट्रॉफी होना इस प्रतिस्पर्धा को एक नई पहचान देता है।
पटौदी ट्रॉफी का अब तक का रिकॉर्ड
अब तक कुल पांच बार पटौदी ट्रॉफी खेली जा चुकी है, जिसमें:
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इंग्लैंड ने 3 बार जीत दर्ज की
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भारत सिर्फ एक बार विजयी रहा
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एक सीरीज ड्रॉ पर खत्म हुई (2021-22, स्कोर: 2-2)
एंडरसन अब गेंदबाजी सलाहकार
रिटायरमेंट के बाद जेम्स एंडरसन इंग्लैंड टीम के गेंदबाजी सलाहकार की भूमिका निभा रहे हैं और काउंटी क्रिकेट में लंकाशायर के लिए भी खेलते नजर आते हैं।
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