पाकिस्तान की नापाक हरकत, ननकाना साहिब जा रहे 14 हिंदू श्रद्धालुओं को वाघा बॉर्डर से लौटाया
Sandesh Wahak Digital Desk: गुरु नानक देव जी के 556वें प्रकाश पर्व से ठीक एक दिन पहले, 4 नवंबर की शाम वाघा बॉर्डर पर पाकिस्तान की ओर से एक बेहद हैरान करने वाली घटना सामने आई है। ननकाना साहिब (गुरु नानक देव जी का जन्मस्थान) की यात्रा पर निकले 14 हिंदू श्रद्धालुओं को पाकिस्तान में प्रवेश करने से रोक दिया गया। यह मामला तब और भी अजीब हो गया, जब इन श्रद्धालुओं को यह कहकर लौटा दिया गया कि आप हिंदू हैं, आप सिख जत्थे के साथ नहीं जा सकते।
अचानक धर्म देखकर रोकी यात्रा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दिल्ली और लखनऊ से आए ये हिंदू श्रद्धालु सिख जत्थे के साथ बस में सवार होकर ननकाना साहिब जाने वाले थे। उनके पास यात्रा के सभी ज़रूरी दस्तावेज़ और औपचारिकताएँ पूरी थीं। लेकिन वाघा बॉर्डर पर पाकिस्तानी अधिकारियों ने अचानक घोषणा की कि केवल वही लोग आगे जा सकते हैं जिनके कागज़ात में धर्म के रूप में ‘सिख’ लिखा हुआ है।
पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा कथित तौर पर हिंदू होने के कारण इन श्रद्धालुओं को अपमानित किया गया और भारत की सीमा पर वापस लौटने के लिए मजबूर कर दिया गया। अन्य यात्रियों को भी रोका: इसके अलावा, लगभग 300 अन्य लोगों को भी वापस भेज दिया गया क्योंकि उनके पास ज़रूरी गृह मंत्रालय की मंज़ूरी नहीं थी, भले ही उनके पास वीज़ा था। जिन 14 हिंदू श्रद्धालुओं को रोका गया, वे उन 2,100 लोगों के समूह का हिस्सा थे, जिन्हें केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पाकिस्तान यात्रा की अनुमति दी थी।
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