ईरान से लौटे जायरीन ने लहराया तिरंगा, बोले – भारतीय एंबेसी को सलाम, नहीं भूलेंगे उनका साथ
Sandesh Wahak Digital Desk: ईरान और इजराइल के बीच तनाव के बीच लखनऊ और फैजाबाद के दर्जनों जायरीन सकुशल वतन लौट आए। जैसे ही उनकी फ्लाइट भारत की सरज़मीन पर उतरी, सभी ने गर्व से तिरंगा लहराया और ‘भारत माता की जय’ के नारों से माहौल गूंजा दिया। इन जायरीनों में शामिल थे कारवां-ए-सफ़ीरे हुसैन के सदस्य, जिनमें से 96 लोग ईराक-ईरान की धार्मिक यात्रा पर गए थे। लौटने पर इन सबकी आंखों में राहत थी, और दिल में भारतीय एंबेसी के लिए आभार।
धमाकों की गूंज और ईरानी लोगों की मेहमाननवाज़ी
जायरीन ने बताया कि इजरायल-ईरान संघर्ष के दौरान उन्होंने कई बार धमाकों की आवाजें सुनीं। लेकिन इसके बावजूद स्थानीय ईरानी लोगों ने उनकी हर संभव मदद की। लोगों ने उनके खाने-पीने, ठहरने और सुरक्षा की भरपूर व्यवस्था की।
भारतीय एंबेसी ने हर पल साथ निभाया
कारवां के साथ लौटे शादाब ने इंडिया न्यूज़ से खास बातचीत में बताया, “हमारे साथ 96 लोग थे। जब गोलाबारी शुरू हुई, तो दिलों में डर बैठ गया। लेकिन भारतीय एंबेसी ने हमें एक पल के लिए भी अकेला महसूस नहीं होने दिया। लगातार संपर्क में रहे, हर अपडेट देते रहे और हमारी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की। हम एंबेसी के हर अफसर को सलाम करते हैं।”
चार दिन की बेचैनी, लेकिन फिर सकून
चार दिनों तक फोन, मैसेज और वीडियो कॉल पर परिवार वाले अपनों की खैरियत पूछते रहे। और जब वतन लौटने की खबर आई, तो पूरे परिवार में जश्न का माहौल बन गया।
अब समझ आया तिरंगे का असली मतलब
वतन लौटते ही जायरीनों ने कहा, “आज तिरंगे की अहमियत और ज्यादा समझ आई। जब विदेशी धरती पर संकट आता है, तब यही तिरंगा और उसकी ताकत हमें हौसला देती है।”
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