‘ट्रंप को जवाब देने का मौका चूक गए PM मोदी’, चंद्रशेखर आजाद का बड़ा बयान
Sandesh Wahak Digital Desk: लोकसभा सदस्य चंद्रशेखर आजाद ने पाकिस्तान के साथ सैन्य संघर्ष में भारतीय सशस्त्र बलों के पराक्रम की मंगलवार को सराहना की लेकिन इस संघर्ष से निपटने के तौर तरीकों को लेकर केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार के प्रति निराशा जताई।
उत्तर प्रदेश के दलित नेता एवं आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद बिहार पहुंचने के बाद यहां हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा हमें अपने सशस्त्र बलों पर गर्व है। सैन्य संघर्ष के दौरान उनका साहस अनुकरणीय था। अगर सरकार अधिक दृढ़ होती तो हम सीमा पार आतंकवाद का अंत देख सकते थे।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस दावे का जिक्र करते हुए कि भारत और पाकिस्तान अमेरिका के दबाव में संघर्षविराम पर सहमत हुए, नगीना के सांसद ने कहा हम सभी जानना चाहते हैं कि कौन सच बोल रहा है। हमारे प्रधानमंत्री के पास अवसर था कि वह कल राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में ट्रंप के दावे को खारिज करते।
आतंकवाद को मिले करारा जवाब
जनता दल (यूनाइटेड) सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने बयान दिया था कि पाकिस्तान को और करारा जवाब दिया जाना चाहिए था, इस बारे में पूछे जाने पर आजाद ने कहा पूरा देश यह चाहता है आतंकवाद को करारा जवाब मिलना चाहिए और ऐसा जवाब दिया जाए कि लोग और आंतकवाद को पनाह देने वाले याद रखें।
उन्होंने कहा हमें यह भी ध्यान में रखना चाहिए कि लड़ाई आतंकवाद के खिलाफ होनी चाहिए न कि पाकिस्तान के खिलाफ। इसके अलावा, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता वाली जद(यू) ने वक्फ मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी का साथ देकर अपनी विश्वसनीयता खो दी है।
आजाद ने आरोप लगाया कि बिहार सरकार जम्मू-कश्मीर में मारे गए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) उप निरीक्षक मोहम्मद इम्तियाज को उचित सम्मान नहीं दे पाई।भीम आर्मी के संस्थापक ने कहा उपरोक्त मुद्दों और बिहार की सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी के प्रति उदासीनता के कारण आगामी विधानसभा चुनावों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
उन्होंने कहा बोधगया में महाबोधि मंदिर पर बौद्धों के पूर्ण नियंत्रण की मांग वाले आंदोलन के प्रति मेरा समर्थन है। भारत-पाकिस्तान संघर्ष को देखते हुए मैंने इस मुद्दे पर कुछ समय के लिए चुप्पी साधे रखी। हम बाबा साहेब आंबेडकर के दर्शन में विश्वास करते हैं जिन्होंने हमेशा कहा कि राष्ट्र पहले आता है।
Also Read: ‘इंदिरा होना आसान नहीं’, सीजफायर के बाद लखनऊ में कांग्रेस कार्यालय के बाहर लगा पोस्टर

