कतर ने भारत की आतंकवाद विरोधी नीति को दिया समर्थन
दोहा: कतर ने एक बार फिर आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख का समर्थन करते हुए अपनी एकजुटता दिखाई है। दोहा में भारत के बहुपक्षीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाक़ात के दौरान कतर के विदेश मामलों के राज्य मंत्री मोहम्मद बिन अब्दुलअज़ीज़ बिन सालेह अल खुलैफ़ी ने भारत की ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ नीति की सराहना करते हुए क्षेत्रीय शांति और समृद्धि के लिए इस रुख को आवश्यक बताया।
यह प्रतिनिधिमंडल एनसीपी (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले के नेतृत्व में कतर पहुंचा था, जिसमें राजीव प्रताप रूडी, अनुराग ठाकुर, वी. मुरलीधरन, मनीष तिवारी, आनंद शर्मा, लावु श्रीकृष्ण देव रायालु, आप नेता विक्रमजीत सिंह सौनी और पूर्व राजनयिक सैयद अकबरुद्दीन शामिल थे।
फोकस में रहा पहलगाम आतंकी हमला
भारत के दूतावास ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया कि आज सुबह बहुपक्षीय प्रतिनिधिमंडल ने कतर के विदेश राज्य मंत्री से मुलाक़ात की और भारत के नजरिए को पहलगाम आतंकी हमला, ऑपरेशन सिंदूर और आतंकवाद पर भारत की एकमत नीति के संदर्भ में साझा किया। इस मुलाकात में अल खुलैफ़ी ने भारत के दृष्टिकोण को समझा और सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ भारत के कड़े रुख के साथ एकजुटता व्यक्त की।
कतर की संसद में मिला भारत को पूरा समर्थन
प्रतिनिधिमंडल ने कतर की संसद (Shura Council) के उपसभापति शेखा हम्दा बिन्त हसन अल सुलैती और उनके सहयोगियों से भी बातचीत की। सुप्रिया सुले ने बैठक के बाद मीडिया से कहा कि कतर के सभी सांसदों ने आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख को सराहा और यह साझा दृष्टिकोण रखा कि आतंकवाद को जड़ से खत्म किया जाना चाहिए।
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने बैठक के बाद कहा कि कतर की संसद के उपसभापति और अन्य सदस्यों के साथ काफी सार्थक और सकारात्मक चर्चा हुई। हमने उन्हें बताया कि भारत एक 5000 साल पुरानी सभ्यता है, जहां विभिन्न संस्कृतियों और धर्मों का संगम है। भारत को पाकिस्तान द्वारा आतंक के जरिए छेड़े जा रहे प्रॉक्सी वॉर में नहीं झोंका जा सकता और भारत को अपनी संप्रभुता की रक्षा का पूरा हक़ है।

