‘केंद्रीय सचिवालय का सचिव’ बनकर करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, STF ने 2 को दबोचा
Sandesh Wahak Digital Desk: यूपी एसटीएफ (STF) की टीम ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो खुद को ‘केंद्रीय सचिवालय का सचिव’ बताकर लोगों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करता था। यह गिरोह एलडीए और आवास विकास के महंगे प्लाटों को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बेचता था। एसटीएफ ने इस गिरोह के सरगना समेत दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
ऐसे करता था ठगी
एसटीएफ को सूचना मिली थी कि एक शख्स खुद को केंद्रीय सचिवालय का सचिव बताता है और दूसरों की ज़मीन को अपना बताकर बेचता है। इस सूचना के बाद एसटीएफ ने जांच शुरू की। पता चला कि यह शख्स पहले भी कई बार धोखाधड़ी के आरोप में जेल जा चुका है। एसटीएफ ने गोमतीनगर विस्तार में एक इनोवा कार के साथ दो लोगों को पकड़ा। पूछताछ में सरगना ने अपना नाम अमित कुमार बताया, जबकि उसके साथी का नाम मुबीन अहमद है। अमित कुमार ने बताया कि वह प्रभाव दिखाने के लिए किराए पर हूटर लगी इनोवा गाड़ी और वॉकी-टॉकी लेकर घूमता था। वह दूसरों की ज़मीन के फर्जी कागज़ बनवाकर उसे अपना बताता और लोगों को ठगता था।
51 लाख की डील में दबोचे गए
अमित ने बताया कि उसने वृंदावन योजना में 24,000 वर्ग फीट के एक प्लाट को बेचने की कोशिश की। उसने प्लाट के मालिक राजीव कुमार के नाम का फर्जी आधार कार्ड बनवाया और खुद को राजीव कुमार बताकर रायबरेली के एक शख्स शिवशंकर सिंह से सौदा तय किया। अमित ने 8,000 वर्ग फीट ज़मीन का सौदा 51 लाख रुपये में तय किया और पेशगी के तौर पर 19 लाख रुपये का चेक भी ले लिया। सौदा पूरा होने से पहले ही एसटीएफ ने उसे दबोच लिया।
अमित ने यह भी कबूल किया कि वह और उसका साथी मुबीन अब तक 10-12 लोगों को ठग चुके हैं और ठगी का पैसा आपस में बाँट लेते थे। एसटीएफ ने दोनों के पास से फर्जी दस्तावेज, मोबाइल और इनोवा गाड़ी समेत कई सामान बरामद किए हैं। उनके खिलाफ गोमतीनगर विस्तार थाने में धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला दर्ज किया गया है।
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