सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में ‘सिद्धार्थोत्सव’ का भव्य उद्घाटन, कुलपति ने बताया ‘सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक’

Sandesh Wahak Digital Desk: सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर में विश्वविद्यालय के अकादमिक, सांस्कृतिक और सृजनात्मक चेतना के प्रतीक ‘सिद्धार्थोत्सव’ का भव्य उद्घाटन किया गया। यह उत्सव पूरे एक सप्ताह तक चलेगा।

कुलपति और मुख्य अतिथि का संबोधन

उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. कविता शाह ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और टीम भावना को प्रोत्साहित करते हैं। उन्होंने छात्रों से विनम्रता और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया और गर्व व्यक्त किया कि विश्वविद्यालय के छात्र राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं के साथ-साथ सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं।

पद्मश्री प्रो० एस. चूड़ामणि गोपाल, पूर्व कुलपति, केजीएमयू, लखनऊ (मुख्य अतिथि)

प्रो. गोपाल ने युवाओं को अपनी ऊर्जा, प्रतिभा और नवाचार क्षमता को सही दिशा में लगाने का संदेश दिया, ताकि वे देश को वैश्विक स्तर पर अग्रणी बना सकें। उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता और युवाओं को उच्च शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और मानवीय मूल्यों का विकास करना भी मानना चाहिए। उन्होंने छात्राओं को विज्ञान, चिकित्सा और अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ने का विशेष आह्वान किया।

प्रतियोगिताओं और गतिविधियों का आयोजन

स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर विभिन्न अकादमिक और सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।

क्विज़ प्रतियोगिता–2025: आरावली टीम ने प्रथम, हिमगिरि टीम ने द्वितीय और नीलगिरि टीम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। (संचालन: डॉ. शिल्पी श्रीवास्तव)

कविता पाठ: अतुल कुमार उपाध्याय और सुहानी श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से प्रथम, शालिनी शुक्ल ने द्वितीय, और आफरीन बानो तथा रितिका ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया। (संचालन: डॉ. जय सिंह यादव)

संस्कृत संभाषण: संस्कृत भाषा में वार्तालाप और गीत के माध्यम से भारतीय ज्ञान परंपरा से परिचित कराया गया। (प्रभारी: डॉ. धर्मेंद्र कुमार)

डॉक्यूमेंट्री प्रतियोगिता: सामाजिक, लैंगिक, जलीय और वन संरक्षण विषयों पर आयोजित प्रतियोगिता में अमित कुमार लोधी प्रथम, सूरज कुमार चौरसिया द्वितीय, और ख़ुशी शुक्ल तृतीय स्थान पर रहे। (संयोजन: डॉ. जीतेन्द्र कुमार सिंह एवं डॉ. अमित साहनी)

इसके अतिरिक्त, विश्वविद्यालय स्टॉल्स, भोजन स्टॉल्स, हस्तकला स्टॉल्स, पौधशाला, स्वास्थ्य परीक्षण शिविर और मानसिक स्वास्थ्य परामर्श केंद्र भी आकर्षण का केंद्र रहे।

विशिष्ट गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति

कार्यक्रम में स्वागतोदबोधन अधिष्ठाता, छात्र कल्याण प्रो. नीता यादव ने प्रस्तुत किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव श्री दीना नाथ यादव ने किया। विशिष्ट अतिथियों में श्री राय सुशील कुमार, अधिष्ठाता वाणिज्य संकाय प्रो. सौरभ, अधिष्ठाता विज्ञान संकाय प्रो. प्रकृति, कुलानुशासक प्रो. दीपक, प्रो. हरीश कुमार शर्मा, प्रो. सत्येंद्र कुमार दुबे सहित सभी शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।

एक सप्ताह तक चलने वाले इस उत्सव में वाद-विवाद, मुशायरा, योग-जुंबा, व्यंग्य नाटिका, परिधान प्रतियोगिता, चित्रकला, गायन और नुक्कड़ नाटक जैसे कई कार्यक्रम शामिल हैं।

रिपोर्ट: जाकिर खान

 

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