सुल्तानपुर में टीचर पति-पत्नी की हत्या का खुलासा, ड्राइवर ने दो दोस्तों संग मिलकर मारा
Sultanpur News: सुल्तानपुर में 28 सितंबर को हुई शिक्षक दंपती मुकेश सिंह और उनकी पत्नी विनीता सिंह की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक, वारदात को उनके ही स्कूल के बस ड्राइवर राकेश कुमार यादव ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर अंजाम दिया था। हत्या के बाद आरोपी घर में रखे रुपये, मोबाइल और आधार कार्ड लेकर फरार हो गए।
पुलिस ने सोमवार दोपहर करीब 1:15 बजे राकेश कुमार यादव और आशीष उर्फ डब्लू यादव को गिरफ्तार किया। तीसरा आरोपी अभी फरार है। यह वारदात जिला मुख्यालय से करीब 55 किलोमीटर दूर कादीपुर के कुंभी डडिया स्थित मनराजी शिक्षण संस्थान में हुई थी।
ड्राइवर स्कूल में बस चलाने के साथ पढ़ाता भी था
एसपी विनीत जायसवाल के मुताबिक, 36 वर्षीय राकेश कुमार यादव कुंभी डडिया का रहने वाला है। वह स्कूल में बस चलाने के साथ बच्चों को कंप्यूटर भी पढ़ाता था। उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। उसने अपने पड़ोसी और पट्टीदार 26 वर्षीय आशीष यादव के साथ मिलकर स्कूल में चोरी की योजना बनाई थी।
राकेश को स्कूल, कार्यालय और वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की पूरी जानकारी थी। पुलिस के मुताबिक, 28 सितंबर की रात वह ऑफिस में चोरी करने पहुंचा और अलमारी का लॉकर खोल रहा था। इसी दौरान स्कूल संचालक विनीता सिंह ने उसे देख लिया। विरोध करने पर राकेश ने मामला वहीं खत्म करने और आगे ऐसा न करने की बात कही।
लेकिन विनीता ने शोर मचाकर अपने पति मुकेश सिंह को बुला लिया। पुलिस के अनुसार, पहचान सामने आने के डर से राकेश ने पास रखे फावड़े से विनीता पर हमला कर दिया। पत्नी की हत्या देखकर मुकेश भागने लगे तो राकेश और आशीष ने उनका पीछा किया और कुल्हाड़ी से हमला कर दिया।
चप्पल, मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल से खुला राज
पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद आरोपी अलमारी में रखे रुपये, मोबाइल और विनीता का आधार कार्ड लेकर फरार हो गए। बाद में राकेश ने खुद को निर्दोष दिखाने की कोशिश की। उसने पुलिस को बताया कि वह बस की चाबी लेने आया था और वहां पहुंचकर दोनों के शव देखे थे।
जांच के दौरान पुलिस को मौके से राकेश की एक चप्पल मिली। स्कूल के 17 स्टाफ सदस्यों से अलग-अलग समय पर पूछताछ की गई। स्टाफ ने बताया कि इसी तरह की चप्पल राकेश पहनता है। इसके बाद पुलिस का शक उस पर गहरा गया।
एसपी के मुताबिक, स्कूल के सीसीटीवी कैमरे वारदात से चार दिन पहले ही राकेश ने खराब कर दिए थे। उसने डीवीआर भी तोड़ दिया था। जांच में वारदात के समय राकेश के मोबाइल की लोकेशन स्कूल में मिली। कॉल डिटेल से उसके दो साथियों से बातचीत का भी पता चला।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में पहले राकेश ने गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सबूत सामने रखने पर वह टूट गया। कादीपुर में बुढ़ाना पुल के पास बड़ी नहर पुलिया से करीब 50 मीटर पहले दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
शिक्षक दंपती का परिवार
मुकेश सिंह की उम्र 45 साल थी और वह खनुहट के कंपोजिट विद्यालय में तैनात थे। वह ब्लॉक शिक्षक संघ के अध्यक्ष भी थे। उनकी पत्नी विनीता सिंह 43 साल की थीं और गांव से करीब एक किलोमीटर दूर मनराजी इंटर कॉलेज चलाती थीं। स्कूल में 17 शिक्षक और कर्मचारी हैं, जबकि करीब 550 बच्चे पढ़ते हैं।
दंपती का इकलौता बेटा अभ्युदय 20 साल का है और दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहा है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल खून से सना फावड़ा, एक कुल्हाड़ी, 34,960 रुपये, विनीता सिंह का आधार कार्ड और आरोपियों के खून से सने कपड़े बरामद किए हैं। तीसरे आरोपी की तलाश जारी है।

