सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की राहुल गांधी की वोट चोरी के आरोप वाली याचिका, कहा – बिना ठोस सबूत कोई सवाल नहीं उठाया जा सकता
Sandesh Wahak Digital Desk: सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने कर्नाटक विधानसभा चुनावों के दौरान बेंगलुरु सेंट्रल समेत कई विधानसभा क्षेत्रों में ‘वोट चोरी’ के दावे की जांच की मांग की थी। कोर्ट ने याचिकाकर्ता की दलीलों को अपर्याप्त बताते हुए स्पष्ट किया कि कोई ठोस सबूत न होने पर इस पर सवाल नहीं उठाया जा सकता।
चुनाव आयोग का पक्ष
इस दौरान चुनाव आयोग के सूत्रों ने कहा कि वोट चोरी के सभी आरोप बेबुनियाद हैं। बिहार में मतदाता सूची अद्यतन और संशोधन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से की गई है। आयोग ने बताया कि Summary Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ पूरी हुई है और फाइनल मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद किसी प्रकार की अपील या आपत्ति नहीं आई।
वहीँ इस बाबत एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सभी दावे और आपत्तियां नियमों के अनुसार निपटाई गई हैं और किसी भी मतदाता का नाम गलत तरीके से नहीं काटा गया।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश
दरअसल जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाला बागची की बेंच ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि मतदाता सूची का अद्यतन और संशोधन चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र में आता है। कोर्ट ने निर्देश दिया कि चुनाव आयोग के सामने ही यह मुद्दा उठाना चाहिए। याचिकाकर्ता ने मतदाता सूची के स्वतंत्र ऑडिट का अनुरोध किया था और यह कहा कि ऑडिट पूरा होने तक मतदाता सूची में कोई बदलाव न किया जाए।
वहीं इससे पहले मद्रास हाईकोर्ट ने भी वोट चोरी से जुड़ी याचिका खारिज करते हुए याचिकाकर्ता पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया था। यहां हाईकोर्ट ने कहा था कि बिना सबूत आरोप लगाना चुनाव आयोग और लोकतांत्रिक संस्थाओं की साख को ठेस पहुंचाता है। वहीं इस बीच चुनाव आयोग ने बिहार के विधानसभा चुनाव दो चरणों में आयोजित करने की तारीखें घोषित कर दी हैं, और परिणाम 14 नवंबर को आने वाले हैं।

