UP News: निलंबित IAS अभिषेक प्रकाश को भ्रष्टाचार के दो प्रकरणों में थमाई चार्जशीट
लखनऊ के डिफेन्स कॉरिडोर घोटाले और 400 करोड़ के इन्वेस्ट यूपी घूसकांड में पूर्व सीईओ की बढ़ेंगी मुश्किलें
Sandesh Wahak Digital Desk/ Manish Srivastava: 400 करोड़ के घूसखोरी प्रकरण में सुर्खियां बटोर रहे निलंबित आईएएस अभिषेक प्रकाश की मुश्किलें और बढऩे जा रही हैं।
Invest UP: 400 करोड़ की घूसखोरी मामले में अभी तक अभिषेक प्रकाश को चार्जशीट नहीं
‘संदेश वाहक’ की खबर के बाद प्रशासनिक मशीनरी ने पकड़ी रफ्तार
एक तरफ जहां शासन ने एसआईटी से जांच की प्रगति तलब की थी। वहीं दूसरी तरफ इन्वेस्ट यूपी के निलंबित सीईओ अभिषेक प्रकाश को भ्रष्टाचार के संगीन आरोपों पर चार्जशीट भी थमाई गई है। ‘संदेश वाहक’ ने 27 मई को ‘400 करोड़ के घूसखोरी मामले में अभी तक अभिषेक प्रकाश को चार्जशीट नहीं’ शीर्षक से खबर प्रकाशित करके खुलासा किया था कि कैसे नौकरशाही की कृपा उन पर बरस रही है। जबकि 20 मार्च को निलंबन खुद सीएम योगी आदित्यनाथ के आदेश पर किया गया था।

राजस्व परिषद और इन्वेस्ट यूपी से जवाब आने के बाद तैयार हो सकी चार्जशीट
इसके बाद ही राजस्व परिषद और इन्वेस्ट यूपी की प्रशासनिक मशीनरी ने रफ्तार पकड़ते हुए नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग को चार्जशीट के लिए जरुरी सूचनाएं तत्काल भेजी।

जवाब आने के बाद नियुक्ति विभाग ने लखनऊ के सरोजनीनगर के भटगांव में हुए 58 करोड़ के डिफेन्स कॉरिडोर घोटाले और इन्वेस्ट यूपी से जुड़े घूसकांड प्रकरण में लगे भ्रष्टाचार के आरोपों पर दो चार्जशीट बनाकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अनुमोदन के लिए भेजी थी।

दो प्रकरणों में थमाई गई चार्जशीट
सीएम सचिवालय से जुड़े आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक अनुमोदन के बाद निलंबित आईएएस अभिषेक प्रकाश को दोनों ही प्रकरणों में चार्जशीट दे दी गयी है। भरोसेमंद सूत्रों के मुताबिक डिफेन्स कॉरिडोर घोटाले से जुड़ी चार्जशीट में अभिषेक प्रकाश के ऊपर प्रशासनिक लापरवाही से जुड़े चार आरोप मुख्य तौर पर लगाए गए हैं। जिनका जवाब उनसे मांगा गया है। वहीं इन्वेस्ट यूपी से जुड़े घूसखोरी प्रकरण में जो चार्जशीट उन्हें थमाई गयी है। उसमें मुख्यत: एक ही आरोप लगाया गया है। जिसमें सौर ऊर्जा के कलपुर्जे बनाने का संयंत्र लगाने वाली कंपनी एसएईएल सोलर पी-6 प्राइवेट लिमिटेड की उस फाइल का जिक्र है। जिसमें पांच प्रतिशत कमीशन (400 करोड़) के चक्कर में लेटर ऑफ कम्फर्ट (एलओसी) कम्पनी को नहीं जारी किया गया था।

इन्वेस्ट यूपी के पूर्व सीईओ अभिषेक प्रकाश से पूछा गया है कि 12 मार्च को हुई मूल्यांकन समिति की बैठक में कंपनी को एलओसी जारी करने की संस्तुति कर दी गई थी, लेकिन बाद में फाइल को फिर से पुनर्मूल्यांकन के लिए आखिर क्यों भेजा गया था।
सीएम योगी का तत्काल अनुमोदन
सीएम सचिवालय से जुड़े जिम्मेदार सूत्रों के मुताबिक भ्रष्टाचार के दोनों प्रकरणों में तैयार चार्जशीट जैसे ही सीएम योगी आदित्यनाथ के दरबार में पहुंची। उसे झट अनुमोदन दे दिया गया। मामला हाईप्रोफाइल होने के चलते शीर्ष अफसरों ने फिलहाल इस मामले में चुप्पी साध रखी है।
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