साइबर हमलों का खतरा बढ़ा, AI कंपनी एंथ्रोपिक के अधिकारी बोले- हालात और बिगड़ सकते हैं
Cyber Attacks News : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनी एंथ्रोपिक के साइबर सुरक्षा अधिकारी जेसन डी क्लिंटन ने डिजिटल सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि साइबर सुरक्षा से जुड़े हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं और आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
22 अक्टूबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में क्लिंटन ने कहा कि पिछले चार दिनों में हालात काफी खराब हुए हैं। उन्होंने आगाह किया कि सुधार नजर आने से पहले साइबर सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियां और बढ़ सकती हैं।
उनकी यह चेतावनी ऐसे समय आई है, जब दुनियाभर में साइबर हमलों और सॉफ्टवेयर की सुरक्षा खामियों से जुड़े मामले सामने आ रहे हैं।
)
अक्टूबर में साइबर हमलों और डेटा चोरी की घटनाएं बढ़ीं
अक्टूबर के दौरान कई गंभीर साइबर सुरक्षा घटनाएं सामने आई हैं। इनमें सॉफ्टवेयर की कमजोरियों का फायदा उठाने की कोशिशें, ऑनलाइन विज्ञापनों के जरिए जासूसी करने वाले प्रोग्राम फैलाना और बड़े पैमाने पर डेटा चोरी जैसी घटनाएं शामिल हैं।
क्लिंटन ने अगस्त में भी चेतावनी दी थी कि आने वाले कुछ महीनों में सुरक्षा खामियों की संख्या तेजी से बढ़ सकती है। उनके मुताबिक, जरूरी डिजिटल सिस्टम को समय रहते सुरक्षित करना कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।
ऐसे में संगठनों को खतरे बढ़ने का इंतजार करने के बजाय अभी से अपनी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए।
कंपनियों को महंगे टूल्स से पहले बुनियादी सुरक्षा पर ध्यान देने की सलाह
क्लिंटन ने कंपनियों के साइबर सुरक्षा प्रमुखों से कहा है कि वे इस स्थिति से निपटने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों और निदेशक मंडल से तुरंत सहयोग लें। उनका मानना है कि फिलहाल महंगे नए सुरक्षा उपकरण खरीदने से ज्यादा जरूरी मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था की कमियों को दूर करना है।
इसमें सॉफ्टवेयर को समय पर अपडेट करना और सामने आ चुकी सुरक्षा खामियों को जल्द ठीक करना शामिल है। क्लिंटन के अनुसार, सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए बेहतर तकनीकी उपाय उपलब्ध होने में करीब 18 महीने लग सकते हैं।
उन्होंने भविष्य में ऐसी व्यवस्था की उम्मीद भी जताई, जिसमें AI की मदद से सॉफ्टवेयर की कमजोरियों को हैकरों के फायदा उठाने से पहले ही पहचाना और ठीक किया जा सकेगा।
इससे डेवलपर्स कम खर्च में सुरक्षा खामियों को दूर कर सकेंगे। हालांकि, फिलहाल हैकर भी AI का इस्तेमाल कर कमजोरियों को तेजी से खोज रहे हैं, जिससे साइबर सुरक्षा टीमों पर दबाव बढ़ रहा है।
इस बीच, सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने बढ़ते साइबर खतरों के लिए AI कंपनियों को जिम्मेदार ठहराया है।

