बिहार में वोटर लिस्ट से लाखों नाम हटने की आशंका, सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर, गुरुवार को होगी सुनवाई
Sandesh Wahak Digital Desk: बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) अभियान के तहत लाखों नामों को हटाए जाने की आशंका ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल मचा दी है। इसी मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दाखिल की गई हैं।
सोमवार को वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने इस मामले को अदालत के समक्ष उठाते हुए इसे तत्काल सुनवाई योग्य बताया। उन्होंने कहा कि यह मामला मतदाता अधिकारों और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से सीधे जुड़ा हुआ है, इसलिए सुप्रीम कोर्ट को इस पर जल्द सुनवाई करनी चाहिए।
इस पर सुप्रीम कोर्ट ने सहमति जताते हुए गुरुवार (11 जुलाई) को इस मामले की सुनवाई तय कर दी है। याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता और उचित प्रक्रिया का पालन नहीं किया जा रहा, जिससे हजारों-लाखों मतदाता बिना जानकारी के वोट देने के अधिकार से वंचित हो सकते हैं।
इस विशेष पुनरीक्षण अभियान को लेकर राज्य में पहले से ही राजनीतिक दलों और नागरिक संगठनों के बीच चिंता जताई जा रही है। सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से अब यह स्पष्ट हो पाएगा कि निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया कितनी न्यायसंगत और पारदर्शी है।
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