15 दिन के नवजात की खरीद-फरोख्त, 2 लाख में मां-बाप ने बेचा, 5 लाख में आगे सौदा, 6 गिरफ्तार
Bijnor Newborn Baby Sale Case: बिजनौर के नगीना (Nagina) क्षेत्र से नवजात की खरीद-फरोख्त का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, 15 दिन के बच्चे को उसके मां-बाप ने आर्थिक परेशानी के चलते दो लाख रुपये में बेच दिया। बाद में बिचौलियों के जरिए बच्चे का सौदा हरिद्वार (Haridwar) के एक निसंतान दंपती से पांच लाख रुपये में किया गया। मामले में पुलिस ने बच्चे के माता-पिता समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार कर नवजात को बरामद कर लिया है।
एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई (Krishna Kumar Bishnoi) ने मंगलवार को पुलिस लाइन सभागार में मामले का खुलासा किया। पुलिस के अनुसार, नगीना के भूरापुर निवासी ताजुद्दीन ने 28 सितंबर को थाने में शिकायत दी थी। उसने बताया कि उसकी बहन शबनम और उसके पति फरमान ने अपने 15 दिन के बेटे को नैनपुरा निवासी दाई शफीकन और फरीद के जरिए बेच दिया था।
दो लाख में खरीदा, पांच लाख में बेचने का आरोप
जांच में पुलिस को पता चला कि शबनम और फरमान के पहले से चार बच्चे थे। इसके बाद जुड़वा बच्चों में एक बेटा और एक बेटी पैदा हुए। पुलिस का कहना है कि आर्थिक तंगी के चलते दंपती ने 15 दिन के बेटे को बेचने का फैसला किया।
पुलिस के मुताबिक, दाई शफीकन की मदद से झोलाछाप जितेंद्र कुमार उर्फ विक्की और उसकी पत्नी शिवानी ने 28 अगस्त 2025 को बच्चे को दो लाख रुपये में खरीदा। रुपयों का लेनदेन रौनक अस्पताल में कपिल उर्फ राजवीर के जरिए कराया गया, जबकि बच्चे का लेनदेन पीयूष अस्पताल में जितेंद्र कुमार ने कराया।
इसके बाद बच्चे को हरिद्वार निवासी प्रीतम सैनी और उसकी पत्नी सलोचना को पांच लाख रुपये में बेचने की बात सामने आई है।
पांच लाख की रकम आपस में बांटी
पूछताछ में पुलिस के अनुसार आरोपियों ने बताया कि पांच लाख रुपये मिलने के बाद रकम आपस में एक-एक लाख रुपये के हिसाब से बांटी गई। बाद में बच्चे के माता-पिता को पता चला कि उनका बेटा अधिक रकम में आगे बेचा गया है। इसके बाद उन्हें डेढ़ लाख रुपये अतिरिक्त दिए गए।
पुलिस ने जितेंद्र कुमार उर्फ विक्की, कपिल उर्फ राजवीर, शफीकन, बच्चे के पिता फरमान, मां शबनम और हरिद्वार निवासी सलोचना को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने इससे पहले किसी अन्य बच्चे की खरीद-फरोख्त तो नहीं की थी।

