यूपी के 9.18 लाख किसानों को 493 करोड़ की राहत, CM योगी ने किए बड़े ऐलान
UP Farmers Compensation 2026: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित 9,18,091 किसानों को बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कृषि निवेश अनुदान के रूप में 493 करोड़ रुपये सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजे। यह सहायता बाढ़, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि और चक्रवात से फसलों को हुए नुकसान के लिए दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले एक सप्ताह में प्रदेश के कई हिस्सों में फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ। कई जगह जनहानि और पशुहानि भी हुई है। सरकार ने 8 से 10 दिन के भीतर फसल, मकान और पशुधन के नुकसान की भरपाई के लिए सहायता देने की व्यवस्था की है।
योगी ने कहा, “डबल इंजन की सरकार ने संकट की घड़ी में अपने अन्नदाता किसानों को राहत देने का काम किया है।” उन्होंने बताया कि इस वर्ष बारिश के दौरान अब तक आपदा प्रभावित किसानों और नागरिकों को करीब 1,000 करोड़ रुपये की सहायता दी जा चुकी है।
मकान टूटने पर 1.20 लाख रुपये, जनहानि पर चार लाख की मदद
मुख्यमंत्री ने बताया कि अतिवृष्टि, चक्रवात और बाढ़ से जिन लोगों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 1.20 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता दी गई है। यह राशि 493 करोड़ रुपये की फसल क्षति सहायता से अलग है। पूरी तरह बह गए या नष्ट हो चुके मकानों के मामलों में तत्काल आवास उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए भी नियमों के अनुसार मुआवजा दिया जा रहा है।
पशुधन के नुकसान पर भी सहायता दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जनहानि होने पर प्रभावित परिवार को 24 घंटे के भीतर चार लाख रुपये की मदद उपलब्ध कराई जाए।
योगी ने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे की रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित जिलों में किसानों को तत्काल सहायता दी गई। डीबीटी के जरिए पैसा सीधे बैंक खातों में पहुंच रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर किसी किसान के लिए 25 हजार रुपये की सहायता मंजूर हुई है, तो उसके खाते में पूरी राशि पहुंचेगी। बीच में कोई बिचौलिया नहीं होगा।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस सरकार के समय राजीव गांधी के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें कहा गया था कि सरकार के भेजे 100 रुपये में से जमीन पर जरूरतमंद तक केवल 15 रुपये पहुंचते हैं। योगी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और सपा के शासन में बीच में ही पैसा खा लिया जाता था। उन्होंने कहा कि अब प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री की ओर से दी जाने वाली सहायता सीधे लाभार्थी के खाते में पहुंचती है।
हुदहुद चक्रवात का जिक्र कर सपा पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2014 में आए हुदहुद चक्रवात का उल्लेख करते हुए तत्कालीन सपा सरकार पर किसानों की सहायता राशि में गड़बड़ी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उस समय केंद्र सरकार ने 3,200 करोड़ रुपये भेजे थे, लेकिन किसानों तक केवल 800 करोड़ रुपये ही पहुंचे। बाकी राशि किसानों को नहीं मिली।
योगी के मुताबिक, वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने इस मामले की जांच कराई। जांच में पूरी सहायता राशि किसानों तक नहीं पहुंचने की बात सामने आई। इसके बाद प्रभावित किसानों की मदद के लिए अलग से धनराशि की व्यवस्था की गई।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया, “सपा ने किसानों का पैसा खाया, किसानों का श्राप उसको ले डूबा।” उन्होंने विपक्ष पर समाज को जाति के नाम पर बांटने का प्रयास करने का आरोप भी लगाया।
योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले किसानों को मुआवजा मिलना मुश्किल था और कई बार उन्हें दो, चार या 15 रुपये जैसी रकम मिलती थी। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार के एजेंडे में किसान, युवा, महिलाएं और गरीब शामिल हैं।
बाढ़ से बचाव, बिजली गिरने पर अलर्ट और 15 अक्टूबर से खरीद
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बाढ़ से हुए कटान और अतिवृष्टि वाले इलाकों में तत्काल राहत व बचाव कार्य कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत और बाधित आवागमन को जल्द बहाल किया जाए। सिंचाई विभाग को कटान रोकने के लिए पर्याप्त धन दिया गया है। पीडब्ल्यूडी, नगर विकास, आवास विभाग और विकास प्राधिकरणों को भी मरम्मत के लिए राशि उपलब्ध कराई गई है। मौसम साफ होते ही काम शुरू करने और रास्तों पर आवागमन सामान्य रखने के निर्देश दिए गए हैं।
योगी ने बताया कि आकाशीय बिजली से होने वाली जनहानि रोकने के लिए कई जिलों में अर्ली वार्निंग सिस्टम लगाए गए हैं। इनके जरिए एसएमएस और मोबाइल फोन पर अलर्ट भेजे जाते हैं। लोगों को खुले आसमान या पेड़ के नीचे रहने के बजाय पक्के भवन में जाने की सलाह दी जाती है। वर्षा का सही आंकड़ा जुटाने के लिए रेन गेज भी लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा में किसान, बटाईदार या उनके परिवार का कोई सदस्य आकाशीय बिजली की चपेट में आता है, तो मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत परिवार को पांच लाख रुपये की सहायता देने की व्यवस्था है। अधिकारियों को यह राशि तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मौजूदा 493 करोड़ रुपये की सहायता से पहले भी बाढ़, चक्रवात और ओलावृष्टि प्रभावित किसानों के लिए 169 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। इनमें 1,29,326 किसानों को फसल क्षति के लिए 78 करोड़ 75 हजार रुपये दिए जाने का उल्लेख किया गया। जनहानि, पशुहानि और मकान क्षति के मामलों में 225 करोड़ 93 लाख रुपये की सहायता भी पहले वितरित की जा चुकी है। कार्यक्रम में कई किसानों को सांकेतिक चेक दिए गए, जबकि वास्तविक रकम उनके खातों में भेजी जा चुकी है।
योगी ने सरकार बनने के बाद किसानों के लिए उठाए गए कदमों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 86 लाख लघु और सीमांत किसानों का 36 हजार करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया गया। प्रदेश के 16 लाख निजी ट्यूबवेलों की बिजली मुफ्त की गई है। सरकारी ट्यूबवेल से पहले से मुफ्त सिंचाई मिल रही है। नहरों और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से 22 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि को सिंचाई की सुविधा दी गई है। नए ट्यूबवेल भी लगाए जा रहे हैं।
धान और मोटे अनाज की खरीद पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन जिलों में बारिश नहीं हुई है, वहां धान खरीद केंद्र शुरू हो रहे हैं। अतिवृष्टि से जलभराव वाले जिलों में 15 अक्टूबर से धान के साथ ज्वार, बाजरा और मक्का की खरीद के केंद्र शुरू किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसानों की उपज खरीदने के लिए कोई सीमा या लक्ष्य तय नहीं किया गया है। किसान जितना धान लेकर आएंगे, केंद्र खरीद करेंगे। जहां बेहतर दाम मिलेगा, किसान वहां अपनी उपज बेच सकेंगे। यदि कोई अन्य खरीदार नहीं मिलेगा तो सरकार खरीद करेगी और भुगतान डीबीटी से सीधे खाते में भेजा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्नदाता किसान खुशहाल होगा तो देश खुशहाल होगा। उन्होंने किसानों के सम्मान में चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न दिए जाने का भी उल्लेख किया।
कार्यक्रम में इन लोगों को मिले सहायता राशि के चेक
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में निम्नलिखित लोगों को सहायता राशि के सांकेतिक चेक दिए गए:
- रेशमा देवी — 1,20,000 रुपये
- चंदन कुमार पासवान — 1,20,000 रुपये
- इंद्रावती देवी — 1,20,000 रुपये
- सविता देवी — 1,20,000 रुपये
- छुन्नी देवी — 1,20,000 रुपये
- सीमा देवी — 1,20,000 रुपये
- बिरैची — 25,670 रुपये
- बेचन प्रसाद — 22,951 रुपये
- जोखन — 22,841 रुपये
- संपत — 22,372 रुपये
- परमहंस — 22,219 रुपये
- चंद्रप्रकाश द्विवेदी — 11,811 रुपये
- धरणीधर — 11,808 रुपये
- गिरजापति त्रिपाठी — 34,000 रुपये
- कमलेश — 26,520 रुपये
- राम दरश — 27,914 रुपये
- जनार्दन प्रसाद — 24,000 रुपये से अधिक
- राणा प्रताप सिंह — 22,355 रुपये
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों को राहत देने में धन की कमी नहीं होने दी जाएगी और संकट के समय सरकार किसानों के साथ खड़ी रहेगी।

