बिजली कटौती से जूझ रहा उत्तर प्रदेश, AAP कार्यकर्ताओं का लखनऊ में सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ती गर्मी और बिजली संकट के चलते आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। एक ओर आम नागरिक रात-रात भर बिजली की तलाश में सड़कों पर भटक रहे हैं, तो दूसरी ओर अब राजनीतिक स्तर पर भी विरोध तेज हो गया है। बुधवार को आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सांसद संजय सिंह के आह्वान पर राजधानी लखनऊ के स्वास्थ्य भवन चौराहे पर जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता पहुंचे, जिनमें महिलाएं भी बढ़-चढ़कर शामिल रहीं। कार्यकर्ताओं ने हाथों में पोस्टर लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और बिजली कटौती से त्रस्त जनता की आवाज को बुलंद किया। प्रदर्शनकारियों के पोस्टरों पर लिखा था “घर में अंधेरा, बाहर लू… जनता बोले थू-थू-थू”,”जब रात को बच्चे रोते हैं, योगी चैन से सोते हैं”,”जनता पूछे बार-बार, कब सुधरेगी योगी सरकार?”
पुलिस से हुई तीखी झड़प, कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी
जैसे-जैसे प्रदर्शन तेज हुआ, मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन जब बात नहीं बनी तो पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए प्रदर्शनकारियों को जबरन हटाया और कई लोगों को हिरासत में लिया।
आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर धक्का-मुक्की और अभद्रता के गंभीर आरोप लगाए, यहां तक कि कपड़े फाड़ने का भी आरोप लगाया गया। झड़प के दौरान पुलिस ने AAP कार्यकर्ताओं को वैन में उठाकर जबरन इको गार्डन भेज दिया।
प्रदेश प्रवक्ता वंश राज दुबे ने सरकार पर साधा निशाना
आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता वंश राज दुबे ने बिजली कटौती को लेकर सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा सरकार ने 24 घंटे बिजली देने का वादा किया था, लेकिन आज ग्रामीण क्षेत्रों में 8 से 10 घंटे तक की बिजली कटौती हो रही है। इससे बुजुर्ग, बच्चे और महिलाएं बेहद परेशान हैं। उन्होंने यह भी कहा कि योगी सरकार बिजली के दामों में 13 रुपये प्रति यूनिट तक की बढ़ोतरी की तैयारी कर रही है, जो साफ तौर पर गरीब विरोधी और अमीरों की समर्थक नीति को दर्शाता है।
गौरतलब है कि बीते कुछ दिनों से उत्तर प्रदेश के कई जिलों जैसे प्रयागराज, बाराबंकी, गोंडा, बहराइच, अमेठी, बलरामपुर आदि में लगातार बिजली आपूर्ति बाधित है। गांवों में स्थिति और भी गंभीर है, जहां लोग पंखा, कूलर और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं।
जनता गर्मी से त्रस्त, सरकार से जवाब की मांग
इस प्रदर्शन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि उत्तर प्रदेश में बिजली संकट केवल तकनीकी नहीं, बल्कि राजनीतिक और प्रशासनिक विफलता का प्रतीक बन चुका है। आम आदमी पार्टी ने इस मुद्दे को जनता की आवाज़ बनाकर सरकार के सामने रखा है, अब देखना यह है कि योगी सरकार कब तक चुप्पी साधे रहती है, और क्या कोई ठोस कदम उठाए जाते हैं या नहीं।
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