Siddharthnagar News: दशहरे पर घर आए UPSC एस्पिरेंट की सड़क दुर्घटना में मौत, सब-रजिस्ट्रार पद पर होने वाली थी जॉइनिंग

Siddharthnagar News: सिद्धार्थनगर जनपद के होनहार और UPSC की तैयारी कर रहे मनीष पांडेय (28 वर्षीय) की एक सड़क हादसे में असमय मौत से पूरे जिले में शोक की लहर है। मनीष 7 दिन पहले कोतवाली जोगिया उदयपुर क्षेत्र के ककरही पुल के निकट कार समेत 30 फीट गहरी खाई में गिर गए थे, जिससे मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई थी।

इस हादसे ने परिवार और पूरे समाज को गहरे सदमे में डाल दिया है, क्योंकि मनीष इसी 12 अक्टूबर, 2025 को सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु में सब-रजिस्ट्रार पद पर जॉइनिंग करने वाले थे।

Manish Pandey road accident

शोकसंतप्त परिवार से मिलीं सपा नेता विभा शुक्ला

समाजवादी पार्टी की प्रदेश सचिव एवं पूर्व विधानसभा प्रत्याशी (बाँसी) विभा शुक्ला ने गुरुवार को संदेश वाहक से खास बातचीत में इस दुःखद घटना पर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल के साथ मृतक मनीष पांडेय के महुलानी गांव (थाना उसका बाजार क्षेत्र) स्थित आवास पहुँचकर शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व विधायक विजय पासवान, विधानसभा अध्यक्ष जोखन चौधरी, राजू चौधरी सहित अन्य सदस्य मौजूद थे।

विभा शुक्ला ने कहा, मनीष पांडेय की मौत से जनपद को बहुत बड़ी क्षति हुई है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है। ईश्वर से प्रार्थना है कि मृत आत्मा को शांति मिले और परिवारजनों को यह असहनीय दुःख सहने की क्षमता प्रदान हो।

Manish Pandey road accident

दशहरे पर आए थे घर, जॉइनिंग के बाद जाने का था प्लान

दिवंगत मनीष पांडेय, स्वर्गीय वीरेंद्र पांडेय के पुत्र थे और दिल्ली के मुखर्जी नगर में रहकर UPSC की तैयारी कर रहे थे। परिवारवालों ने बताया कि मनीष शुरू से ही पढ़ाई में मेधावी थे। 2017 में वह दिल्ली गए। 2021 में लखनऊ सचिवालय में सचिव एडवाइजर मनरेगा के तौर पर उनकी नौकरी लगी थी, जिसे उन्होंने 2024 में इस्तीफा देकर फिर से UPSC की तैयारी के लिए छोड़ दिया था। उन्होंने RO परीक्षा का प्री भी क्लियर कर लिया था।

इसी बीच, सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी में सब-रजिस्ट्रार के पद पर उनका चयन हो गया था, जिसका इंटरव्यू 12 अक्टूबर को होना था। मनीष दशहरा मनाने घर आए थे और उन्होंने घरवालों से कहा था कि वह जॉइनिंग के बाद ही दिल्ली जाएंगे। बड़े भाई आशीष पांडे (नेहरू इंटर कॉलेज में बाबू) ने बताया कि जिले में नौकरी लगने की खबर से घर में खुशी का माहौल था और वे उनकी शादी की तैयारी कर रहे थे।

तेज रफ्तार बनी हादसे का कारण

परिजनों ने बताया कि 3 अक्टूबर को मनीष किसी काम से बाँसी गए थे। रात करीब 10 बजे उन्होंने बड़े भाई आशीष को फोन कर बताया था कि वे एक घंटे में घर पहुँच जाएँगे। जब देर रात तक वह नहीं लौटे तो आशीष ने फोन मिलाया। पुलिस ने कॉल रिसीव कर हादसे की ख़बर दी, जिसके बाद परिवार में मातम छा गया। कोतवाली जोगिया थानाध्यक्ष मीरा चौहान ने विभा शुक्ला को दुर्घटना की जानकारी देते हुए बताया कि तेज रफ्तार हादसे का कारण बनी होगी। रात के समय कार मोड़ पर नियंत्रण खो बैठी और खाई में गिर गई।

थानाध्यक्ष ने बताया कि ग्रामीणों की मदद से शव को खाई से बाहर निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया था। उन्होंने यह भी बताया कि ककरही पुल से जोगिया के बीच यह सड़क बेहद खतरनाक है और यहाँ पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। लोगों ने प्रशासन से सुरक्षा बैरियर लगाने की मांग की है, लेकिन आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

रिपोर्ट- जाकिर खान

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