UP में 344 फर्जी कर्मचारियों के नाम पर 16 करोड़ का भुगतान, सिंचाई विभाग में घोटाले से हड़कंप
UP Irrigation Department Scam: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर (Mirzapur) में सिंचाई विभाग के भीतर करीब 16 करोड़ रुपये के कथित घोटाले का खुलासा हुआ है। आरोप है कि बिना नियुक्ति वाले 344 लोगों के नाम पर ट्रेजरी में खाते खुलवाकर एरियर का भुगतान कर दिया गया। महालेखाकार प्रयागराज की ऑडिट टीम ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के ऑडिट के दौरान इस गड़बड़ी को पकड़ा।
मामला सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया। एकाउंटेंट जितेंद्र कुमार को निलंबित कर उनके और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई है।
यह मामला (UP Irrigation Scam) मिर्जापुर कैनाल डिविजन के लघु डाल पम्प कैनाल खंड से जुड़ा है। आरोप है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के एरियर भुगतान के नाम पर 344 कथित फर्जी कर्मचारियों के खातों में करीब 16 करोड़ रुपये भेज दिए गए, जबकि इन लोगों की विभाग में नियुक्ति ही नहीं हुई थी।
ऑडिट में खुला मामला, 18 अक्टूबर को FIR
महालेखाकार प्रयागराज की 10 सदस्यीय ऑडिट टीम ने 14 अक्टूबर से जांच शुरू की थी। 16 अक्टूबर को टीम ने कथित फर्जी भुगतान पकड़ लिया। इसके बाद मिर्जापुर कैनाल डिविजन के अधिशासी अभियंता प्रमोद कुमार ने 18 अक्टूबर को शहर कोतवाली में एकाउंटेंट जितेंद्र कुमार और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। जितेंद्र कुमार को निलंबित भी कर दिया गया है।
विभागीय व्यवस्था के तहत कर्मचारियों के एरियर के बिल तैयार कर अधिशासी अभियंता से हस्ताक्षर कराने के बाद भुगतान के लिए ट्रेजरी भेजे जाते हैं। मिर्जापुर कैनाल डिविजन के अधिशासी अभियंता को अन्य 10 खंडों के कर्मचारियों के एरियर भुगतान के लिए डीडीओ पावर भी मिली हुई है। इसी व्यवस्था के जरिए कथित तौर पर फर्जी खाते खुलवाकर भुगतान किया गया।
दूसरे डिविजनों में भी गड़बड़ी की आशंका
विभागीय सूत्रों के मुताबिक, मामले (UP Irrigation Scam) को दबाने के लिए सरकारी खाते में इससे अधिक रकम जमा कराने की बात भी सामने आई है। हालांकि, इस संबंध में विस्तृत आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऑडिट टीम के एक सदस्य ने आशंका जताई है कि सिंचाई विभाग के दूसरे डिविजनों में भी ऐसी अनियमितताएं हो सकती हैं। इसकी पुष्टि अन्य खंडों के भुगतान का ऑडिट होने के बाद ही होगी।
अधिशासी अभियंता प्रमोद कुमार के मुताबिक, मामले का ऑडिट कराया जा रहा है। जांच में जिसकी भी भूमिका सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अन्य कर्मचारी भी शामिल पाए गए तो उनके खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
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