‘मणिपुर कोई मायने नहीं रखता’ BJP विधायक के बयान पर हंगामा, AAP ने पीएम मोदी के खिलाफ लगाए नारे

Sandesh Wahak Digital Desk: दिल्ली विधानसभा के विशेष सत्र का दूसरा दिन काफी हंगामा हुआ. मणिपुर मुद्दे पर चर्चा का विरोध करने पर बीजेपी के 4 विधायकों को मार्शलों ने सदन से बाहर कर दिया. वहीं, आम आदमी पार्टी ने इसको लेकर बीजेपी पर निशाना साधा है. आप विधायक दुर्गेश पाठक ने मणिपुर में हिंसा पर अल्पकालिक चर्चा शुरू की. जिसके बाद बीजेपी विधायक विरोध में खड़े हो गए और कहा कि दिल्ली से संबंधित मुद्दों पर सदन में बहस होनी चाहिए. उप सभापति राखी बिड़ला ने बीजेपी विधायकों के विरोध पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या उन्हें लगता है कि मणिपुर विधानसभा में चर्चा के लिए कोई मुद्दा नहीं है? यूपी विधानसभा में भी मणिपुर मुद्दे पर चर्चा हुई है.

हालांकि, बीजेपी विधायकों ने अपना विरोध जारी रखा. इसके बाद बीजेपी विधायक अभय वर्मा, जितेंद्र महाजन, अजय महावर और ओपी शर्मा को सदन से बाहर निकाल दिया गया. हंगामे के दौरान बीजेपी विधायक मोहन सिंह बिष्ट ने कहा कि ‘मणिपुर कोई मायने नहीं रखता.’ स्पीकर ने विधायक के बयान पर आपत्ति जताई. हंगामा बढ़ने पर आप विधायक दुर्गेश पाठक ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि बीजेपी इस मुद्दे पर चर्चा नहीं चाहती है. दुर्गेश पाठक के नेतृत्व में आप विधायकों ने पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारे भी लगाए.

आम आदमी पार्टी का ट्वीट

दिल्ली विधानसभा में मणिपुर हिंसा का मुद्दा उठाते हुए आप विधायक दुर्गेश पाठक ने कहा कि जब मणिपुर जल रहा था तो पीएम मोदी 19 मई को जापान चले गए थे. जब मणिपुर की महिलाओं के साथ यौन शोषण हो रहा था, तब पीएम मोदी विदेश दौरे पर थे. पीएम मोदी को मणिपुर पर बोलने में 78 दिन लग गए, लेकिन वह इस मुद्दे पर 78 सेकेंड भी नहीं बोले. जब विपक्षी सांसदों ने मणिपुर पर चर्चा की मांग की, तो उन्हें निलंबित कर दिया गया. आप के सांसद संजय सिंह, राघव चड्ढा और अन्य विपक्षी सांसदों को निलंबित किया गया.

पाठक ने कहा कि बीजेपी की मंशा अब सबके सामने आ गई है. बीजेपी की फूट डालो और राज करो की नीति के कारण मणिपुर जल रहा है. पंजाब की कानून-व्यवस्था की पूरे देश में सराहना हो रही है, मणिपुर की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र में चर्चा हो रही है.

उधर, विधानसभा से बाहर किए जाने के बाद बीजेपी विधायक जितेंद्र महाजन ने कहा कि दिल्ली विधानसभा सत्र 7-8 दिनों का होना चाहिए था. लेकिन, दिल्ली सरकार दोदिवसीय सत्र बुलाया और फिर दिल्ली के मुद्दों के बजाय मणिपुर पर चर्चा करने की बात कह रहे हैं. हम ‘शीश महल’ पर चर्चा चाहते हैं. दिल्ली सरकार द्वारा भ्रष्टाचार, डीटीसी बसों और दिल्ली के स्कूलों की स्थिति पर चर्चा चाहते हैं.

 

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