JPSC ACF परीक्षा में भी गड़बड़ी, प्रश्नपत्र में कई गलतियां, सवाल बनाने वालों की योग्यता पर उठे सवाल

JPSC ACF Exam News : झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की ओर से आयोजित असिस्टेंट कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट्स (ACF) परीक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। परीक्षा के प्रश्नपत्रों में कई गलतियां सामने आने का दावा किया गया है। साथ ही, आरोप है कि परीक्षा के प्रश्न ऐसे शिक्षकों से तैयार कराए गए, जो इसके लिए योग्य नहीं थे।

JPSC ने 4 अप्रैल 2026 को ACF मुख्य परीक्षा आयोजित की थी। टीवी न्यूज़ चैनल India TV की वेबसाइट पर छपी खबर के अनुसार परीक्षा में कई अनियमितताओं की बात सामने आई है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है, जब JPSC-14 परीक्षा को पहले ही रद्द किया जा चुका है।

प्रश्नपत्रों में कई गलतियां

ACF मुख्य परीक्षा के प्रश्नपत्रों को लेकर सामने आई जानकारी में कई सवालों में गलतियां होने का दावा किया गया है। इसके साथ ही प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हुए हैं।

आरोप है कि परीक्षा के प्रश्न ऐसे लोगों से तैयार कराए गए, जो निर्धारित योग्यता नहीं रखते थे। JPSC-14 परीक्षा को लेकर चल रहे विवाद के बीच ACF परीक्षा में भी इसी तरह की गड़बड़ी सामने आने से आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।

Several errors found in questions for ACF exam conducted by JPSC

JPSC परीक्षा घोटाले में CID की कई जगहों पर छापेमारी

इसी बीच झारखंड CID ने गुरुवार को राज्य में कई स्थानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई JPSC की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मामले में सात आरोपियों के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट को अमल में लाने के लिए की गई।

वांछित आरोपियों में रांची के आदित्य पांडे और पवन कुमार सिंह, पलामू के रविशंकर कुमार और संतोष कुमार सिंह, बोकारो के सनंद प्रकाश, हजारीबाग के ललू कुमार यादव और गिरिडीह के सौरव कुमार पांडे शामिल हैं।

CID के मुताबिक, जांच के दौरान मिले OMR की कार्बन कॉपियों का मिलान और उनकी जांच भी की जा रही है। एजेंसी का कहना है कि जांच अभी जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पूर्व JPSC चेयरमैन समेत 20 लोग गिरफ्तार

परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच के मामले में CID अब तक 20 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल खियांगते भी शामिल हैं। CID ने उन्हें 10 अगस्त को गिरफ्तार किया था।

1988 बैच के IAS अधिकारी खियांगते को सेवानिवृत्ति के बाद पिछले साल फरवरी में JPSC का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। उन्होंने 22 जुलाई को पद से इस्तीफा दे दिया था। CID ने उनसे 28 जुलाई के बाद चार बार पूछताछ भी की थी।

इसके अलावा JPSC के तीनों सदस्यों अजीता भट्टाचार्य, अनीमा हांसदा और जमाल अहमद ने भी 9 अगस्त को इस्तीफा दे दिया था। इन तीनों को CID ने पूछताछ के लिए बुलाया था।

CM हेमंत सोरेन बोले- परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता जरूरी

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि राज्य सरकार JPSC और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) जैसी संस्थाओं की परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य के युवा उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं और परीक्षा व्यवस्था में बदलाव लाने का फैसला किया गया है। सरकार ने ‘छात्रों की बात-छात्रों के साथ’ पहल भी शुरू की है, जिसके जरिए शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए छात्रों से सुझाव लिए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर शिक्षा व्यवस्था बनाने में छात्रों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है।

Get real time updates directly on you device, subscribe now.