Bareilly News: जनसुनवाई पोर्टल समीक्षा में शून्य संतुष्टि पर सख्त कार्रवाई, कई अधिकारियों के वेतन आहरण पर रोक
Bareilly News: उत्तर प्रदेश शासन की प्राथमिकता में शामिल जनसुनवाई (IGRS) पोर्टल के क्रियान्वयन और उस पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की स्थिति की समीक्षा की गई। बरेली में समीक्षा बैठक के दौरान माह अगस्त 2026 में प्राप्त आम जनता के फीडबैक का गहन विश्लेषण किया गया। इस पड़ताल में पाया गया कि कुछ विभागों और अधिकारियों से जुड़े प्रकरणों में शिकायतकर्ताओं द्वारा दर्ज कराई गई संतुष्टि का प्रतिशत शून्य (0%) रहा। शिकायतों के निस्तारण में दिखाई गई इस घोर लापरवाही और गुणवत्ता की कमी को जिला प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है।
असंतोषजनक कार्यशैली पर गिरी गाज, अग्रिम आदेशों तक वेतन रोका
आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में शून्य संतुष्टि पाए जाने पर जिलाधिकारी महोदय ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्थिति को अत्यंत चिंताजनक मानते हुए संबंधित लापरवाह अधिकारियों के वेतन आहरण पर अग्रिम आदेशों तक तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इस कार्रवाई से प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।
गुणवत्तापूर्ण व तथ्यपरक निस्तारण के निर्देश, भविष्य के लिए चेतावनी
जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा कि जनसमस्याओं के निस्तारण में अधिकारी अधिक संवेदनशीलता दिखाएं। केवल कागजी औपचारिकता पूरी करने के बजाय तथ्यपरक और गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि आम जनता को वास्तव में न्याय मिल सके। अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी गई है कि भविष्य में किसी भी स्थिति में शिकायतकर्ताओं की तरफ से असंतोषजनक या शून्य फीडबैक प्राप्त नहीं होना चाहिए।
प्रशासन की ओर से यह भी साफ किया गया है कि जनसुनवाई पोर्टल पर आने वाली शिकायतों के निस्तारण और उस पर जनता से मिलने वाले फीडबैक की अब लगातार और नियमित समीक्षा की जाएगी। यदि आगे भी किसी स्तर पर निस्तारण में लापरवाही, शिथिलता या उदासीनता पाई जाती है, तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारी के विरुद्ध नियमों के तहत और अधिक कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
रिपोर्ट- रंजीत बिसारिया
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