युवा आंदोलनों के राजनीतिकरण पर मायावती ने जताई चिंता, कार्यकर्ताओं को दी दूर रहने की सलाह

Lucknow News: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने रविवार को जेन-जी युवाओं और बेरोजगारों के मुद्दों पर आधारित आंदोलनों के राजनीतिकरण पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा ऐसे स्वतःस्फूर्त आंदोलनों को हाईजैक (कब्जा) किए जाने से युवाओं और छात्रों के मन में गंभीर भ्रम और आशंकाएं पैदा हो गई हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी एक बयान में बसपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान युवाओं को जो बड़े-बड़े सपने दिखाए गए थे, अब वे राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते गंभीर सवालों के घेरे में आ गए हैं।

जेन-जी और जेन-अल्फा की मांगों से सहानुभूति

पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी जेन-जी (वर्ष 1997 से 2012 के बीच जन्मे युवा) और जेन-अल्फा (वर्ष 2013 से 2024 के बीच जन्मी नई पीढ़ी) की जायज और संवैधानिक मांगों के प्रति पूरी सहानुभूति रखती है। उन्होंने बसपा की सभी राज्य इकाइयों को निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में संबंधित सरकारी अधिकारियों से मुलाकात कर युवाओं की समस्याओं का शांतिपूर्ण और न्यायसंगत समाधान कराने के लिए निरंतर प्रयासरत रहें।

बसपा कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारी की नसीहत

अपनी पार्टी के अनुशासन का हवाला देते हुए मायावती ने कार्यकर्ताओं को ऐसे किसी भी धरना-प्रदर्शन या आंदोलन का हिस्सा न बनने की सलाह दी है। उन्होंने बसपा कार्यकर्ताओं से कहा कि वे अपनी तन, मन और धन की संपूर्ण शक्ति और ऊर्जा को आगामी चुनावों की तैयारियों के लिए सुरक्षित रखें। बसपा का मूल उद्देश्य ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ के सिद्धांत पर सरकार बनाना है, ताकि युवाओं, छात्रों और समाज के सभी वर्गों की समस्याओं का स्थायी और दूरगामी समाधान किया जा सके। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में बसपा के चार शासनकाल के दौरान इसे अमलीजामा पहनाकर साबित भी किया जा चुका है।

निशू आजाद के पिता पर हमले की निंदा

अपने वक्तव्य के अंतिम हिस्से में बसपा प्रमुख ने जंतर-मंतर पर जारी विरोध प्रदर्शन के दौरान सामने आई एक हिंसक घटना का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने छात्र कार्यकर्ता निशू आजाद के पिता संजय आजाद के साथ हुई मारपीट की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यदि पुलिस समय रहते उचित कदम उठाती, तो इस अप्रिय घटना को रोका जा सकता था। उन्होंने मामले में संलिप्त दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की और दोहराया कि जरूरत पड़ने पर बसपा युवाओं के अधिकारों के लिए आवाज उठाने से कभी पीछे नहीं हटेगी।

Also Read: महिला एशिया कप फाइनल में मोहसिन नकवी देंगे ट्रॉफी, भारत जीता तो फिर बढ़ेगी हलचल

Get real time updates directly on you device, subscribe now.