वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के हुई पेशी, एक दिन की न्यायिक हिरासत भेजा गया स्वतंत्र भारद्वाज
Sandesh Wahak Digital Desk: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक नाबालिग लड़की के पिता पर जानलेवा हमला करने के आरोपी और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को रविवार को अदालत में पेश किया गया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से हुई इस पेशी के बाद अदालत ने आरोपी को एक दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। उल्लेखनीय है कि दिल्ली पुलिस की टीम ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले से स्वतंत्र भारद्वाज को गिरफ्तार किया था।
पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल
मामले में आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज के वकीलों ने पुलिस की कार्रवाई को तय कानूनी प्रक्रियाओं के विपरीत करार दिया है। आरोपी के अधिवक्ता पीयूष जैन ने समाचार एजेंसी से बातचीत में बताया कि शुरुआत में पुलिस ने केवल मामूली मारपीट की धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी। हालांकि, बाद में पुलिस ने एससी/एसटी एक्ट की दो धाराएं और पॉक्सो (POCSO) एक्ट भी जोड़ दिया। वकीलों का आरोप है कि पॉक्सो कानून यौन उत्पीड़न के मामलों के लिए होता है, लेकिन इस केस में आरोपी को किसी भी तरह जेल भेजने के लिए इन धाराओं का गलत इस्तेमाल किया गया है।
जेल के अंदर हमले की जताई आशंका
अधिवक्ताओं ने आरोपी की जान को खतरा बताते हुए एक बड़ा दावा किया है। वकील पीयूष जैन के मुताबिक, उन्हें सूचना मिली है कि कुछ असामाजिक या देशविरोधी तत्व जेल के अंदर स्वतंत्र भारद्वाज पर हमला करने की साजिश रच सकते हैं, ताकि सरकार को निशाना बनाया जा सके। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्होंने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सार्वजनिक अपील की है कि जेल के भीतर आरोपी की सुरक्षा के लिए कड़े और पुख्ता इंतजाम किए जाएं।
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