‘US के दबाव में फिर सरेंडर कर रहे PM मोदी’, UPI चार्ज पर राहुल गांधी का हमला
Rahul Gandhi: UPI भुगतान पर संभावित शुल्क को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार चुपचाप ₹2,000 से अधिक के मर्चेंट UPI लेनदेन पर शुल्क लगाने का रास्ता तैयार कर रही है। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि क्या यह कदम अमेरिकी कंपनियों को फायदा पहुंचाने और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को खुश करने के लिए उठाया जा रहा है।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि सरकार ने UPI पर फीस लगाने का रास्ता खोल दिया है। उन्होंने दावा किया कि ₹2,000 से ज्यादा के लेनदेन पर MDR लगाया जा सकता है। राहुल के मुताबिक, ऐसे लेनदेन संख्या में करीब 5 प्रतिशत हैं, लेकिन UPI के कुल लेनदेन मूल्य में इनकी हिस्सेदारी लगभग 65 प्रतिशत है।
मोदी सरकार ने चुपचाप UPI पर फ़ीस लगाने का रास्ता खोल दिया है।
अब ₹2,000 से ऊपर के merchant UPI लेन-देन पर MDR लगाया जा सकता है। इन ट्रांजैक्शंस की संख्या भले ही सिर्फ़ 5% हो, लेकिन UPI के कुल transaction value का करीब 65% इन्हीं में है।
सरकार कहती है कि ग्राहक से कोई फ़ीस नहीं…
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 15, 2026
राहुल गांधी ने उठाया दुकानदारों का मुद्दा
राहुल गांधी ने कहा कि सरकार भले ही ग्राहक से सीधे शुल्क नहीं लेने की बात करे, लेकिन दुकानदार पर लगने वाला चार्ज आखिरकार कीमतों के जरिए ग्राहक से ही वसूला जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिकी पेमेंट कंपनियां लंबे समय से भारत की जीरो-MDR नीति का विरोध कर रही हैं।
खरगे और जयराम रमेश ने भी घेरा
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि नए नोटिफिकेशन से ₹2,000 तक के भुगतान पर शुल्क नहीं लगाने की व्यवस्था का संकेत मिलता है। उन्होंने दावा किया कि ₹5,000 के लेनदेन पर ₹25 और ₹10,000 पर ₹50 तक वसूले जा सकते हैं।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी आरोप लगाया कि सरकार डिजिटल पेमेंट क्षेत्र में अमेरिकी कंपनियों के लिए रास्ता खोल रही है। हालांकि, सरकार ने अभी ₹2,000 से अधिक के UPI भुगतान पर शुल्क लगाने की पुष्टि नहीं की है।
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