चेक बाउंस मामले में राजपाल यादव को सुप्रीम कोर्ट से मिली 2 हफ्ते की मोहलत

Sandesh Wahak Digital Desk: चेक बाउंस के सात अलग-अलग मामलों में सजा भुगत रहे मशहूर बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को सुप्रीम कोर्ट से फौरी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने उन्हें बकाया रकम चुकाने का इंतजाम करने के लिए दो सप्ताह का आखिरी मौका दिया है। सुनवाई के दौरान राजपाल यादव के वकील ने तर्क दिया कि अभिनेता को दोबारा जेल भेजने से किसी पक्ष का भला नहीं होगा, इसलिए उन्हें रकम का इंतजाम करने के लिए थोड़ा समय मिलना चाहिए। इस पर पीठ ने उन्हें 2 हफ्ते की मोहलत देते हुए कम से कम 2 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट जमा कराने के आदेश दिए। कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि यह उनके पास अंतिम मौका है।

अदालत की सख्त टिप्पणी और पासपोर्ट जमा करने का आदेश

ऑनलाइन माध्यम से सुनवाई में शामिल हुए राजपाल यादव के पुराने आचरण को लेकर अदालत ने नाराजगी जताई। सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए पूछा कि उनके पिछले व्यवहार को देखते हुए उन पर फिर से भरोसा कैसे किया जाए? पीठ ने तंज कसते हुए कहा कि राजपाल यादव फिल्मों में तो बहुत बेहतरीन एक्टिंग करते हैं, लेकिन उम्मीद है कि वे अदालत के सामने ऐसी अदाकारी नहीं दिखाएंगे। इसके साथ ही कोर्ट ने उन्हें अपना पासपोर्ट जमा कराने का निर्देश दिया और मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर तय की है।

यह पूरा कानूनी विवाद मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े सात चेक बाउंस मामलों का है। दिल्ली हाईकोर्ट ने राजपाल यादव को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक मामले में तीन महीने के कारावास की सजा सुनाई थी और सभी सजाएं एक साथ चलाने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट के इसी फैसले के खिलाफ राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा यादव ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है, जिस पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने नोटिस जारी कर यह मोहलत दी है।

16 साल पुराने 5 करोड़ के कर्ज से शुरू हुआ विवाद

इस मामले की शुरुआत साल 2010 में हुई थी, जब राजपाल यादव ने बतौर निर्देशक अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स से 5 करोड़ रुपये का लोन लिया था। साल 2012 में रिलीज हुई यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुई, जिसके बाद वे कर्ज चुकाने में असमर्थ हो गए। वक्त के साथ ब्याज जुड़ता गया और यह रकम बढ़कर लगभग 9 करोड़ रुपये पहुंच गई। कर्ज भुगतान के लिए दिए गए चेक बाउंस होने पर मामला 2018 में मजिस्ट्रेट कोर्ट पहुंचा, जहां राजपाल और उनकी पत्नी को दोषी ठहराया गया था।

Also Read: अफरीदी के बयान पर भड़के आकाश चोपड़ा, बोले- लड़कियों को मौका दो तो लड़कों से बेहतर खेलेंगी

Get real time updates directly on you device, subscribe now.