Lucknow News: भाजपा कार्यालय में घुसे शिक्षक भर्ती अभ्यर्थी, जमीन पर लेटकर किया हंगामा

Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में उस समय हड़कंप मच गया, जब 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती से जुड़े लगभग 50 अभ्यर्थी अचानक परिसर के भीतर दाखिल हो गए। सुरक्षाकर्मियों की नजरों से बचने के लिए अभ्यर्थियों ने अपने गले में बीजेपी का पटका पहन रखा था, जिससे वे आसानी से कार्यालय के अंदर पहुंच गए। परिसर में प्रवेश करते ही अभ्यर्थियों ने जमीन पर लेटकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। वे सिर पर आरक्षण घोटाला लिखी टोपी पहने हुए थे और हाथों में तख्तियां लेकर जोर-जोर से सीटी बजाते हुए करीब आधे घंटे तक नारेबाजी करते रहे। बाद में मौके पर पहुंची पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद सभी को बाहर निकाला।

खून से लिखे पत्र के बाद भाजपा दफ्तर का घेराव

यह प्रदर्शन अभ्यर्थियों के लंबे समय से चले आ रहे आंदोलन की एक कड़ी है। अभ्यर्थी पिछले कई दिनों से लखनऊ के ईको गार्डन में धरना दे रहे हैं। प्रदर्शन के 17वें दिन अभ्यर्थियों ने रक्तदान कर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और गृह मंत्री के नाम अपने खून से पत्र भेजकर हस्तक्षेप की गुहार लगाई थी। इससे पहले 12 सितंबर को भी अभ्यर्थियों ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के आवास का घेराव किया था, जहाँ पुलिस के साथ तीखी धक्का-मुक्की हुई थी। लगातार अनदेखी से नाराज अभ्यर्थियों ने आखिरकार भाजपा मुख्यालय के भीतर घुसकर अपनी आवाज उठाने का फैसला किया।

अभ्यर्थियों के हाथों में मौजूद तख्तियों पर लिखा था कि आरक्षण घोटाले पर पिछड़ी जाति के नेता चुप क्यों हैं? प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वर्ष 2018 की 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण नियमों को सही तरीके से लागू नहीं किया गया, जिससे ओबीसी समेत कई आरक्षित वर्गों के पात्र अभ्यर्थी नियुक्ति से वंचित रह गए। अभ्यर्थियों की मुख्य मांग है कि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेशों और सिफारिशों को तत्काल लागू करते हुए आरक्षण विवाद का समाधान किया जाए और प्रभावित अभ्यर्थियों को उनका हक दिया जाए।

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