सीतापुर में सरकारी जमीन हड़पने की साजिश का खुलासा, पेशकार समेत 4 पर FIR
Sitapur News: सीतापुर में सरकारी जमीन को कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए निजी व्यक्ति के नाम दर्ज कराने और राजस्व रिकॉर्ड में छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। जांच के बाद इस मामले में चार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। आरोपियों में तत्कालीन तहसीलदार सदर के पेशकार विपिन यादव, अभिलेखागार से जुड़े कोमल कटियार, मुख्य राजस्व लेखाकार कलेक्ट्रेट श्याम बाबू मिश्रा और सेवानिवृत्त राजस्व निरीक्षक राकेश वर्मा शामिल हैं।
सरकारी जमीन निजी नाम दर्ज कराने का आरोप
जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित जांच समिति ने अभिलेखागार में रिकॉर्ड की जांच की थी। 29 जुलाई को सामने आई रिपोर्ट में ग्राम सरैया मल्हुई, परगना खैराबाद की श्रेणी-3 की सरकारी जमीन के गाटा संख्या 19 और 115 का मामला सामने आया।
जांच के मुताबिक, इन जमीनों को बिना सक्षम अधिकारी के आदेश के जमलापुर निवासी राजू सिंह के नाम दर्ज कराया गया। आरोप है कि 9 अगस्त 2024 को तहसील के आर-6 अभिलेख में फर्जी पत्रावलियों के आधार पर यह नाम दर्ज किया गया।
फर्जी पत्रावलियों और रिकॉर्ड से छेड़छाड़ का आरोप
जांच में चकबंदी न्यायालय की कथित कूटरचित पत्रावलियों के इस्तेमाल की बात सामने आई। अभिलेखागार की बस्ता सूची में पृष्ठ बदलने, फर्जी पत्रावलियां दाखिल कराने और उनके आधार पर नकल जारी करने जैसी अनियमितताएं भी मिलीं।
इसके अलावा ग्राम क्योंटाना हरदोपट्टी से जुड़ी वर्ष 2008 में निर्णीत वाद संख्या 225 की पत्रावली भी बस्ता सूची और नकल पंजी से गायब किए जाने का आरोप है।
प्रभारी अधिकारी अभिलेखागार (माल) एवं अतिरिक्त मजिस्ट्रेट द्वितीय सुभाष चन्द्र ने 25 सितंबर को शहर कोतवाली में तहरीर दी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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