करीब दो दशक की दोस्ती, विराट कोहली पर रोहित शर्मा ने खोले दिल के राज

Sports News: भारतीय क्रिकेट के दो बड़े नाम रोहित शर्मा और विराट कोहली का रिश्ता सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं रहा है।

दोनों ने लंबे समय तक एक साथ क्रिकेट खेला, अलग-अलग कप्तानों के नेतृत्व में टीम का हिस्सा रहे और खुद भी भारतीय टीम की कप्तानी की।

इस दौरान दोनों ने कई यादगार मुकाबले और मुश्किल दौर साथ देखे हैं।

रोहित ने जियोहॉटस्टार से बातचीत में कहा कि इतने लंबे समय तक साथ खेलने के कारण दोनों के बीच ऐसी समझ बन गई है, जिसके लिए ज्यादा शब्दों की जरूरत नहीं पड़ती।

उन्होंने कहा, “हम दोनों के बीच मजबूत दोस्ती है। हम समझते हैं कि इस स्तर पर खेलने के लिए क्या चाहिए। हमारे तरीके अलग हैं, लेकिन ऐसा ही होना चाहिए, क्योंकि हर व्यक्ति अलग होता है।”

ऑस्ट्रेलिया दौरे के आसपास शुरू हुई दोस्ती

रोहित ने बताया कि उनकी और विराट की दोस्ती ऑस्ट्रेलिया दौरे के आसपास शुरू हुई थी। उस समय की कई यादें आज भी दोनों के लिए खास हैं।

उन्होंने कहा कि जब टीवी पर उस दौर से जुड़ा कोई वीडियो या पल सामने आता है तो दोनों एक-दूसरे को देखकर हंसने लगते हैं।

विराट के भारतीय क्रिकेट में योगदान पर रोहित ने कहा कि उन्होंने टीम के लिए जो हासिल किया है, वह सबके सामने है।

उन्होंने कहा कि आगे भी विराट के रवैये में बदलाव की उम्मीद नहीं है। वह अच्छी तैयारी करेंगे, रन बनाएंगे और टीम को मैच जिताने की कोशिश करेंगे।

कप्तानी बदली, विराट का रवैया नहीं

रोहित के मुताबिक विराट जब कप्तान थे, तब भी उनका काम करने का तरीका लगभग वैसा ही था और रोहित की कप्तानी में भी इसमें बदलाव नहीं आया। उन्होंने कहा कि इसमें बदलाव की जरूरत भी नहीं है।

Rohit Sharma

2027 वर्ल्ड कप को लेकर रोहित ने कहा कि विराट को इतने वर्षों के अनुभव के बाद किसी खास सलाह की जरूरत नहीं है।

उन्होंने कहा, “वह इतने सालों से खेल रहे हैं। चाहे 2027 का विश्व कप हो या 2023 का, उन्हें कुछ समझाने की जरूरत नहीं है। विश्व कप, विश्व कप होता है।”

टीम की जीत दोनों का लक्ष्य

रोहित ने माना कि उनकी और विराट की बल्लेबाजी शैली और मैदान पर खुद को पेश करने का तरीका अलग है, लेकिन टीम को लेकर दोनों की सोच एक जैसी है।

उन्होंने कहा कि लक्ष्य मैच, सीरीज और टूर्नामेंट जीतकर भारतीय टीम के लिए अच्छा करना है।

रोहित ने यह भी बताया कि पहले लगातार दौरों के कारण दोनों को परिवार के साथ ज्यादा समय नहीं मिल पाता था।

अब पहले की तुलना में घर पर ज्यादा समय बिताने का मौका मिल रहा है।

करीब दो दशक के इस सफर में दोनों की भूमिकाएं और कप्तानी की जिम्मेदारियां बदली हैं, लेकिन टीम के लिए जीत हासिल करने का लक्ष्य कायम रहा है।

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