लखनऊ में 68,500 शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों का राजभर के घर घेराव, ‘न्याय करो’ के नारे, पुलिस से धक्का-मुक्की
Lucknow Teacher Recruitment Protest: लखनऊ में 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार तेज हो रहा है। सोमवार को बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर (Om Prakash Rajbhar) के आवास का घेराव किया और बाहर बैठकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने ‘राजभर चाचा न्याय करो’ के नारे लगाए। करीब आधे घंटे चले प्रदर्शन के दौरान पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाने की कोशिश की। अभ्यर्थियों का आरोप है कि उन्हें जबरन हटाकर ईको गार्डन भेज दिया गया। कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर बदसलूकी और कपड़े फाड़ने का भी आरोप लगाया। प्रदर्शन के दौरान ‘ऐसी क्या मजबूरी है-आरक्षण की चोरी है’ और ‘पिछड़ा आयोग ने माना है-आरक्षण घोटाला है’ जैसे नारे लगाए गए।
राजभर ने की अभ्यर्थियों से मुलाकात
प्रदर्शन के बीच मंत्री ओम प्रकाश राजभर (Om Prakash Rajbhar) ने अभ्यर्थियों को बातचीत के लिए बुलाया और उनसे मुलाकात की। अभ्यर्थी 2018 की 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती में आरक्षण संबंधी विसंगतियों को दूर करने, संशोधित चयन सूचीजारी करने और पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की मांग कर रहे हैं। इससे पहले भी अभ्यर्थी लखनऊ में मंत्री और अन्य अधिकारियों के आवास के बाहर प्रदर्शन कर चुके हैं।
आठ साल से नियुक्ति का इंतजार
प्रदर्शन में शामिल अभ्यर्थी नवीन के अनुसार, 10 सितंबर को बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह और माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी से मुलाकात हुई थी। उनका दावा है कि अधिकारियों की मौजूदगी में भर्ती से जुड़ी कथित गड़बड़ियों पर चर्चा हुई थी। अभ्यर्थियों का कहना है कि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) की ओर से आरक्षण संबंधी विसंगतियों पर निर्देश/सिफारिशें भी की गई हैं।
अभ्यर्थी आशुतोष वर्मा ने कहा कि भर्ती का शेड्यूल जारी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। उनका कहना है कि 2018 में आवेदन करने के बाद से वे नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे हैं और करीब आठ साल से मामले के समाधान की मांग कर रहे हैं।

