श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़कर अनेक लोगों ने जान गंवाई तो कुछ पैसे कमाकर चले गए: चंपत राय
Kanpur News: विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के केंद्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान अनगिनत लोगों ने अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया, जबकि कुछ लोगों ने इस पावन अभियान के नाम पर सिर्फ धन अर्जित किया। वह बुधवार को बेनाझाबर स्थित बीएनएसडी शिक्षा निकेतन में आयोजित विहिप के दिवंगत नेता अशोक सिंहल के जन्म शताब्दी वर्ष के शुभारंभ समारोह को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित कर रहे थे।
अशोक सिंहल के समर्पित जीवन को किया याद
चंपत राय ने अशोक सिंहल के व्यक्तित्व और कृतित्व से जुड़े कई संस्मरण साझा करते हुए कहा कि उनका पूरा जीवन हिंदू समाज के संगठन और भारतीय संस्कृति के पुनरुत्थान को समर्पित था। वह जिस संकल्प को चुनते थे, उसे पूर्ण करने में अपनी पूरी शक्ति लगा देते थे। 1984 की धर्म संसद से लेकर शिलापूजन, कारसेवा और देशव्यापी जनजागरण अभियान तक उनका प्रत्येक क्षण प्रभु श्रीराम के कार्य में बीता।
उन्होंने बताया कि पंजाब में आतंकवाद के दौर में जनमानस का मनोबल बढ़ाने के लिए हरिद्वार से अमृतसर तक संतों की यात्रा निकाली गई थी। उस दौर में भी अशोक सिंहल ने समाज में नया आत्मविश्वास फूंका। इसके अतिरिक्त, काशी की धर्म संसद में डोम राजा को मंच पर आसीन कराकर उन्होंने सामाजिक समरसता का एक बेमिसाल संदेश दिया था।
संतों का चंपत राय पर पूर्ण विश्वास: स्वामी जीतेंद्रानंद
समारोह में उपस्थित अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि अशोक सिंहल संतों के हृदय में विशेष स्थान रखते थे। उन्होंने यह भी कहा कि संपूर्ण संत समाज का चंपत राय पर अटूट विश्वास है। वैश्विक परिदृश्य पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि अमेरिका जैसे देशों ने युद्ध का माहौल बनाकर अपनी जीडीपी बढ़ाई है।
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