भदोही में अस्पताल गेट पर प्रसव मामले में डिप्टी सीएम सख्त, CMS समेत पांच पर कार्रवाई
Bhadohi News: उत्तर प्रदेश के भदोही में ज्ञानपुर महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय के गेट पर प्रसव के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के निर्देश पर हुई जांच के बाद डॉक्टर, स्टाफ नर्स समेत पांच अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। एक डॉक्टर की सेवा समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
दरअसल, जोरई निवासी सुनील अपनी 20 वर्षीय पत्नी रानी देवी को प्रसव पीड़ा होने पर 29 सितंबर को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे। आरोप है कि लेबर रूम की स्टाफ नर्स नीलम मौर्या ने प्राथमिक उपचार के बजाय महिला को रेफर कर दिया। अस्पताल के गेट पर ही रानी ने बच्चे को जन्म दे दिया।
जांच में सामने आई लापरवाही
जांच में इमरजेंसी में तैनात चिकित्साधिकारी डॉ. पंकज कुमार पर महिला की प्राथमिक जांच और उपचार नहीं करने का आरोप सामने आया। उनकी सेवा समाप्ति की कार्रवाई शुरू की गई है। स्टाफ नर्स नीलम मौर्या को लापरवाही के आरोप में निलंबित किया गया है।
स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ. मुकेश प्रजापति का सितंबर 2026 का वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया गया है। सीएमएस डॉ. एके तिवारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है। डॉ. नीलिमा धवन के खिलाफ भी 28 सितंबर की ड्यूटी में लापरवाही के मामले में कार्रवाई की सिफारिश शासन को भेजी गई है।
बिजनौर में महिला और बच्चे की मौत
दूसरे मामले में बिजनौर के नवजीवन अस्पताल में प्रसव के दौरान राधा और उसके गर्भस्थ बच्चे की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार राधा को सोमवार शाम करीब 6:15 बजे भर्ती कराया गया था। इंजेक्शन के बाद उसकी हालत बिगड़ी और मौत हो गई। परिजनों ने गलत इलाज का आरोप लगाकर हंगामा किया। ब्रजेश पाठक ने कहा कि मरीजों के इलाज में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
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