दो साल से लापता महिला का नहीं मिला कोई सुराग, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने CBI को सौंपी जांच
Allahabad High Court: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस को बड़ा झटका देते हुए दो साल से अधिक समय से लापता सुदामा देवी की तलाश का मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दिया है। पुलिस लंबे समय तक महिला का पता नहीं लगा सकी। कोर्ट ने मामले की जांच गाजियाबाद स्थित CBI को सौंपते हुए एजेंसी को महिला की तलाश के लिए हर संभव कदम उठाने का निर्देश दिया है।
यह आदेश न्यायमूर्ति संदीप जैन ने सुदामा देवी के पति की ओर से दाखिल बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। कोर्ट ने माना कि पुलिस अधिकारियों की ओर से किए गए प्रयासों के बावजूद महिला का पता नहीं लगाया जा सका और न ही उसे बरामद किया जा सका।
8 सितंबर 2024 से लापता है महिला
सुदामा देवी 8 सितंबर 2024 से लापता हैं। अगले दिन 9 सितंबर 2024 को महाराजगंज के पुरंदरपुर थाने में उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि दो साल से ज्यादा समय बीतने के बाद भी महिला का कोई सुराग नहीं मिला है।
मामले की शुरुआती सुनवाई में कोर्ट के सामने यह भी आया कि याचियों की विपक्षी पक्ष से दुश्मनी थी। इसी आधार पर सुदामा देवी को अवैध रूप से हिरासत में रखे जाने का आरोप लगाया गया था। इसके बाद कोर्ट ने महिला का ठिकाना बताने के संबंध में विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया।
पुलिस ने कहा, महिला के पास मोबाइल नहीं
सरकार की ओर से दाखिल हलफनामे में बताया गया कि सुदामा देवी की तलाश के लिए पुलिस अधिकारियों की एक विशेष टीम लगाई गई थी। सरकार के मुताबिक महिला की उम्र 42 साल है और वह मानसिक रूप से अस्वस्थ है। उसके पास मोबाइल फोन भी नहीं है। इन परिस्थितियों के कारण पुलिस को उसकी तलाश में मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
सरकार ने विपक्षी नंबर चार के पास महिला के दस्तावेज अवैध रूप से होने के आरोप से भी इनकार किया। हलफनामे में महिला को खोजने के लिए पुलिस की ओर से किए गए प्रयासों का भी विवरण दिया गया।
29 सितंबर को सरकार ने कोर्ट को बताया कि पुलिसकर्मियों ने महिला को खोजने की पूरी कोशिश की, लेकिन इसके बावजूद उसका पता नहीं लगाया जा सका।
अब CBI करेगी महिला की तलाश
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि महिला के लापता होने और गुमशुदगी दर्ज होने के दो साल से अधिक समय बाद भी उसका पता नहीं चल पाया है। कोर्ट ने इन परिस्थितियों को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच गाजियाबाद स्थित केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंपना उचित माना।
कोर्ट ने CBI को सुदामा देवी की तलाश के लिए सभी जरूरी प्रयास करने और एक दिसंबर को रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।
राज्य के अधिकारियों को CBI को हर जरूरी सहयोग और सहायता देने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही अब तक की जांच में जुटाए गए सभी रिकॉर्ड, सबूत और अन्य सामग्री केंद्रीय एजेंसी को सौंपने को कहा गया है।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर अगली सुनवाई तक सुदामा देवी का पता नहीं चलता और उन्हें कोर्ट के सामने पेश नहीं किया जाता है, तो CBI के जांच अधिकारी को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करना होगा। इसमें महिला को खोजने के लिए उठाए गए कदमों और किए गए प्रयासों का पूरा विवरण देना होगा। अगर तलाश में कोई कमी या विफलता रही है तो उसके कारण भी बताने होंगे।
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