‘राष्ट्रपति ने वोट चोरी से इनकार नहीं किया, सबूत मांगे’, CEC के खिलाफ ज्ञापन सौंपकर बोले राहुल गांधी
Rahul Gandhi Draupadi Murmu Meeting: दिल्ली में शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति से बातचीत के दौरान ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठाया गया, लेकिन उन्होंने इन आरोपों को खारिज नहीं किया। राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि राष्ट्रपति देश की चुनाव व्यवस्था को स्वतंत्र और निष्पक्ष बताते हुए वोट चोरी के आरोपों से असहमति जताएंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
राहुल गांधी ने कहा, “मैं यह देखकर हैरान रह गया कि राष्ट्रपति ने हमारी बात स्वीकार कर ली।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi), केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) पर चुनाव में धांधली कराने का आरोप लगाया। ये आरोप राहुल गांधी और विपक्ष की ओर से लगाए गए हैं।
राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन, सबूत देने की बात कही

Rahul Gandhi के मुताबिक, विपक्ष ने राष्ट्रपति को सौंपे ज्ञापन में आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और मुख्य चुनाव आयुक्त ने भारतीय लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने की साजिश रची है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने उनकी बातों को न तो खारिज किया और न ही असहमति जताई। राहुल गांधी ने यह भी बताया कि राष्ट्रपति ने चुनाव में कथित वोट चोरी के सबूत देने को कहा है।
राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने दावा किया कि विपक्ष के पास अलग-अलग राज्यों में चुनावी गड़बड़ी से जुड़े सबूत हैं। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में भी धांधली के आरोप लगाए और कहा कि उनकी टीम इन सबूतों को राष्ट्रपति के सामने पेश करने के लिए तैयार है।
खड़गे ने उठाई बैलेट पेपर से चुनाव की मांग
कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) ने बताया कि विपक्षी गठबंधन के नेताओं ने राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपकर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि मुलाकात में वोट चोरी और मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका से जुड़े मुद्दे उठाए गए।
खड़गे के मुताबिक, विपक्ष ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति ने कथित चुनावी गड़बड़ी से जुड़े सबूत मांगे हैं। विपक्ष इन्हें जुटा रहा है और जल्द ही राष्ट्रपति के सामने पेश करेगा।

