आजम खान से जेल में पूछताछ करेगी ED, जौहर यूनिवर्सिटी ट्रस्ट के चंदे की जांच तेज
Azam Khan: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जौहर यूनिवर्सिटी और मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट से जुड़े मामलों में मंगलवार को रामपुर जेल में उनसे पूछताछ करेगा। जांच एजेंसी को ट्रस्ट के नाम पर मिले चंदे और यूनिवर्सिटी में हुए निर्माण कार्यों में खर्च रकम के स्रोतों की जांच करनी है। सूत्रों के मुताबिक, ईडी की चार सदस्यीय टीम आजम खान से सवाल-जवाब करेगी।
करीबियों से पूछताछ में मिले तथ्यों पर होंगे सवाल
ईडी इस मामले में सपा विधायक नसीर अहमद खान समेत आजम खान के कई करीबियों से पूछताछ कर चुकी है। इनमें चार्टर्ड अकाउंटेंट दीपक गोयल, जौहर यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. जहीरुद्दीन और ठेकेदार सलीम भी शामिल हैं। इन लोगों से चंदे की रकम के लेनदेन और अन्य वित्तीय मामलों को लेकर सवाल किए गए थे। पूछताछ के दौरान कुछ फैसले आजम खान के दबाव में लिए जाने की बात सामने आने की जानकारी मिली थी।
मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट के पदाधिकारियों को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया था। ईडी चंदे के साथ ही ट्रस्ट के तहत हुए निर्माण कार्यों पर खर्च की गई रकम के स्रोतों की जानकारी जुटा रही है।
जांच एजेंसी को आशंका है कि कुछ ठेकेदारों से वसूली गई रकम अलग-अलग कंपनियों और फर्मों के जरिए ट्रस्ट के खाते में चंदे के रूप में भेजी गई थी। ईडी इस लेनदेन से जुड़ी सभी कड़ियों की जांच कर रही है।
इस मामले में ईडी ने हाल ही में रामपुर स्थित जौहर यूनिवर्सिटी समेत 10 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान कई दस्तावेज कब्जे में लिए गए थे। आजम खान के करीबी सीए के सहारनपुर स्थित कार्यालय और आवास पर भी जांच की गई थी। एजेंसी ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी में आए चंदे के अलावा सरकारी परियोजनाओं से जुड़े ठेकेदारों के माध्यम से कराए गए निर्माण कार्यों की भी पड़ताल कर रही है।
27 किसानों की जमीन से जुड़े मामलों में सुनवाई टली
जौहर यूनिवर्सिटी के लिए 27 किसानों की जमीन पर कब्जा करने के आरोपों से जुड़े 27 मुकदमों में सोमवार को सुनवाई नहीं हो सकी। आजम खान जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश हुए थे, लेकिन गवाह के नहीं पहुंचने के कारण कार्यवाही आगे नहीं बढ़ पाई। अब इन मामलों में 27 अक्टूबर को सुनवाई होगी।
आलियागंज के किसानों ने आजम खान और उनके लोगों पर जबरन जमीन कब्जाने के आरोप लगाते हुए अलग-अलग मुकदमे दर्ज कराए थे। आरोप था कि किसानों की जमीन पर कब्जा करके उसे जौहर यूनिवर्सिटी परिसर में शामिल कर लिया गया। पुलिस ने जांच के बाद इन मामलों में आरोपपत्र अदालत में दाखिल किए थे।
सभी 27 मुकदमों की संयुक्त सुनवाई एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में चल रही है। एडीजीसी सीमा सिंह राणा के अनुसार, गवाह के नहीं पहुंचने से सोमवार की सुनवाई टल गई और अगली तारीख 27 अक्टूबर तय की गई है।
शत्रु संपत्ति मामले में अब 16 अक्टूबर को सुनवाई
आजम खान के खिलाफ शत्रु संपत्ति पर कब्जे से जुड़े मामले में रिवीजन पर भी सोमवार को सुनवाई होनी थी। हालांकि, यह कार्यवाही टल गई। अब इस मामले में 16 अक्टूबर को सुनवाई होगी।
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