राहुल गांधी पर गर्भवती महिला पत्रकार को धक्का देने का आरोप, हमलावर हुई बीजेपी

Sandesh Wahak Digital Desk: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने दिल्ली में कांग्रेस पार्टी के सुप्रीम कोर्ट मार्च के दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर एक गंभीर आरोप लगाया है। पार्टी का दावा है कि इस मार्च के दौरान राहुल गांधी ने बिहार की एक गर्भवती महिला पत्रकार के साथ कथित तौर पर बदसलूकी और धक्का-मुक्की की है। इस मामले को उठाते हुए बीजेपी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर कुछ वीडियो और तस्वीरें शेयर की हैं, जिनमें एक महिला पुलिसकर्मी और उक्त महिला पत्रकार के साथ कथित रूप से गलत व्यवहार किए जाने का दावा किया गया है। इसके अलावा, अस्पताल में भर्ती पीड़ित पत्रकार का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह रोते हुए कांग्रेस नेता पर गंभीर आरोप लगा रही हैं।

जानकारी के मुताबिक, इस घटना में जिस महिला पत्रकार का नाम सामने आया है, उनका नाम रिचा परासर है। वह मूल रूप से बिहार के सिवान जिले की रहने वाली हैं और एक डिजिटल न्यूज प्लेटफॉर्म के लिए कार्य करती हैं। इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी ने अपने आधिकारिक एक्स (ट्विटर) हैंडल पर कुछ तस्वीरों का एक कोलाज साझा किया है। इसके साथ ही कैप्शन में तीखे शब्दों में लिखा गया है कि क्या कभी ऐसा नेता प्रतिपक्ष देखा है जो महिला पुलिसकर्मियों के साथ गलत हरकत करे, जो अपने ही पार्टी कार्यकर्ताओं को कोहनी मारे व धकेले, और जो एक महिला पत्रकार को भी धक्का देने से पीछे न हटे?

बीजेपी के राष्ट्रीय मीडिया सह-प्रभारी और राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने भी अस्पताल में इलाजरत पत्रकार रिचा परासर का एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने अपने साथ घटी पूरी घटना को विस्तार से बयां किया है। अस्पताल के बिस्तर से अपना दर्द साझा करते हुए पत्रकार रिचा परासर ने बताया कि वह एक पेशेवर पत्रकार हैं, न कि कोई सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर। वह एक ऐसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए काम करती हैं जिसके लाखों फॉलोअर्स हैं। घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि जब वह राहुल गांधी के पास अपना माइक लेकर पहुंचीं, तो उन्होंने माइक हटाने का इशारा किया, जिस पर उन्होंने माइक पीछे कर लिया था। लेकिन जब उन्होंने देखा कि अन्य पत्रकारों की माइक आईडी भी वहां लग रही हैं, तो एक पत्रकार होने के नाते उन्होंने अपना माइक फिर से आगे कर दिया।

रिचा के मुताबिक, इसके बाद राहुल गांधी बहुत ही खराब हाव-भाव (एक्सप्रेशन) के साथ आगे आए और उनका बायां कंधा पकड़कर खींच दिया। इतने में उनके बॉडीगार्ड्स ने उन्हें पूरी ताकत से धक्का दे दिया, जिससे वह मुंह के बल सीढ़ियों पर जा गिरीं। उनके अनुसार, इस पूरी घटना का वीडियो उनके कैमरापर्सन के कैमरे में भी रिकॉर्ड हो रहा था, जिसके चलते राहुल गांधी ने उनके कैमरापर्सन को भी धकेल दिया। उन्होंने बताया कि वह घुटने और पेट के बल नीचे गिर पड़ीं, उनके ऊपर उनका कैमरापर्सन भी आ गिरा और इस हाथापाई में उनका फोन भी पूरी तरह से टूट गया।

कोई मदद के लिए आगे नहीं आया

अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए रिचा ने रोते हुए आगे कहा कि उन्होंने बेहद शालीनता से राहुल गांधी से कहा था कि सर, उन्हें धक्का न दिया जाए, वह कोई उपद्रवी नहीं हैं। इसके बावजूद उन्हें बुरी तरह से धक्का दिया गया। उन्होंने कहा, “मेरा फोन और माइक कहां चला गया, मुझे कुछ नहीं पता। मेरे ऊपर चार-पांच लोग और गिर पड़े, जिससे मैं बुरी तरह दब गई और मुझे ऐसा लगा कि जैसे मेरी सांसें ही थम जाएंगी।”

उन्होंने आरोप लगाया कि वहां मौजूद लोग साधारण कार्यकर्ता नहीं बल्कि गुंडे जैसे बर्ताव कर रहे थे। रिचा ने रोते हुए यह भी कहा कि इतना सब कुछ होने के बाद भी आसपास मौजूद लोग ‘राहुल गांधी जिंदाबाद’ के नारे लगा रहे थे। उन्होंने मौके पर ही चिल्लाकर कहा कि वह इस मामले में चुप नहीं बैठेंगी। हालांकि, उनके अनुसार उस समय कोई भी उनकी मदद के लिए आगे नहीं आया और लोग यह झूठ बोलने लगे कि किसी ने कोई धक्का नहीं दिया है और वह झूठ बोल रही हैं। इसके बाद वह वहां से रोते हुए निकल आईं और एक कोने में जाकर बैठ गईं, लेकिन किसी ने उनकी सहायता नहीं की।

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